नए वजीर के पास कितनी डेप्थ, रीजनिंग और नॉलेज है…सम्राट चौधरी पर तेजस्वी का बड़ा हमला

Reena Sharma
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बीजेपी के फायरब्रैंड नेता सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही बिहार की राजनीति गरमा गई है। बिहार विधानसभा चुनाव में मिली मात के बाद साइलेंट मोड में चल रहे राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव सत्ता बदलते ही एक्टिव हो गए हैं। तेजस्वी यादव एक बार फिर से आक्रामक तरीके से आरपार के मूड में नजर आ रहे हैं।

तेजस्वी ने सम्राट चौधरी पर साधा निशाना

आरजेडी नेता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को निशाने पर लिया है। तेजस्वी यादव ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ‘गणतंत्र का गला घोंट कर तंत्र-यंत्र और षड्यंत्र से बनाई गई काम रहित एनडीए सरकार 5 महीने 7 दिन से खाली बैठ झूठ, फरेब, प्रपंच और पाखंड का वाद्ययंत्र बजा रही है।

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नए वजीर के पास कितनी…-तेजस्वी

नेता प्रतिपक्ष ने आगे हमला बोलते हुए कहा, “नई सरकार बिना किसी स्पष्ट दिशा, दीर्घकालिक योजना, बिना विजन, बिना रोडमैप, बिना ब्लूप्रिंट, बिना विस्तृत कार्ययोजना और बगैर किसी टाइमलाइन के अपने कार्यकाल के प्रथम वर्ष का 43.29% समय आज तक व्यर्थ कर चुकी है। वैसे भी नए वजीर के पास कितनी डेप्थ, रीजनिंग और नॉलेज है, यह तो संपूर्ण बिहार जानता है।”

दो गुजराती बंधुओं के रिमोट से चलता है बिहार-तेजस्वी

तेजस्वी ने कहा, “23 हफ्तों में इस नई सरकार ने कोई एक नया कार्य नहीं किया सिवाय वही घिसी-पिट्टी पुरातन बातें और झूठ परोसने के… बिहार में महीनों से कोई कैबिनेट बैठक नहीं हुई और अब नई सरकार के नए मुखिया भी एक महीने तक अपना कैबिनेट नहीं गठित कर पाएंगे क्योंकि अब बिहार; बिहार से नहीं बल्कि दो गुजराती बंधुओं के रिमोट से चलता है।”

रील बनवाकर टाइम पास करते रहेंगे-तेजस्वी

आरजेडी नेता ने कहा कि थक-हार कर जब कुछ नहीं करने को शेष रहेगा तब फुर्सत के वक्त बिहार के बारे में सोचा जाएगा। तब तक सिलेक्टेड सीएम इधर-उधर घूम कर रील बनवाकर टाइम पास करते रहेंगे।

बिहार राज्य की अस्मिता के साथ सौदा-तेजस्वी

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहारवासी आज पश्चाताप के आंसू बहा रहे है क्योंकि अभी तक बिहार को बिहारियों ने अपने स्वाभिमान, गरिमा, परिश्रम और आत्मसम्मान से चलाया है लेकिन राजनीतिक जीवन की अंतिम अवस्था में कुर्सी से लिपटे रहने की तड़प में एनडीए के मौकापरस्त, कमजोर और डरपोक नेताओं ने सुख-सुविधा के लालच में देश के सबसे अधिक 60% युवा आबादी वाले बिहार राज्य की अस्मिता के साथ सौदा कर लिया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इनकी भोगविलासिता का भुगतान अब बिहार के बेरोजगार युवाओं, छात्रों और मेहनतकश नागरिकों को करना पड़ रहा है।

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