लंबे सस्पेंस के बाद आखिरकार जनता दल यूनाइडेट के विधायक दल के नेता का चयन हो गया। श्रवण कुमार को जदयू विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। पूर्व सीएम व राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने उनका चयन किया है। जेडीयू विधायकों की बैठक में अंतिम फैसले के लिए नीतीश कुमार को अधिकृत किया गया था।
सदन में संभालेंगे जेडीयू की कमान
पार्टी की ओर से उनका नाम विधानसभा को भेजा गया, जिसके बाद विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया। इससे साफ हो गया कि अब श्रवण कुमार ही सदन में जेडीयू की कमान संभालेंगे।
नीतीश कुमार को करना था अंतिम फैसला
मालूम हो कि सोमवार को जेडीयू की मीटिंग में नीतीश कुमार पर नेता के चुनाव करने का फैसला छोड़ा गया। सोमवार को जेडीयू विधायक दल की एक अहम बैठक 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर आयोजित की गई थी। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, संजय झा समेत कई विधायक मौजूद थे। इस दौरान डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव ने प्रस्ताव रखा कि विधायक दल के नेता के चयन का अधिकार पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार को दिया जाए। इस प्रस्ताव का सभी विधायकों ने समर्थन किया।
डिप्टी सीएम की रेस में भी थे श्रवण कुमार
ऐसा माना जा रहा था कि श्रवण कुमार डिप्टी सीएम की रेस में भी थे लेकिन वे पिछड़ गए। उनकी जगह विजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी को पार्टी की ओर से डिप्टी सीएम बनाया गया। सियासी गलियारों में ऐसी चर्चा थी जब निशांत कुमार ने पद लेने से मना कर दिया तब श्रवण कुमार को लगा कि उन्हें इसका लाभ मिल सकता है। लेकिन वे इस पद को पाने में सफल नहीं हो सके।
कौन हैं श्रवण कुमार
श्रवण कुमार नीतीश कुमार की जाति और उनके ही गृह जिले से आते हैं। श्रवण कुमार नीतीश के खासमखास माने जाते हैं। बिहार के नालंदा विधानसभा क्षेत्र से जदयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री श्रवण कुमार ने 2025 के चुनाव में लगातार आठवीं बार जीत दर्ज की है। वो 1995 से लगातार नालंदा विधान सभा सीट से जीतते आ रहे हैं। श्रवण कुमार मूलतः समाज सेवा से जुड़े रहे हैं। जब लालू यादव से अलग होकर नीतीश कुमार और जॉर्ज फर्नांडिस ने साल 1994 में समता पार्टी का गठन किया था, तब से श्रवण कुमार नीतीश के खास हैं।

