झाझा की श्री कृष्ण गौशाला में इन दिनों हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। लगातार कई गोवंश के बीमार पड़ने से हड़कंप मच गया है, लेकिन आरोप है कि जिम्मेदार पशु चिकित्सक की लापरवाही के कारण समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा।
गौशाला प्रबंधन ने प्रखंड पशु चिकित्सक डॉ. नरेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए 24 घंटे के भीतर कार्रवाई और इलाज व्यवस्था बहाल करने का अल्टीमेटम दिया था। मगर समयसीमा खत्म होने के बाद भी न तो कोई ठोस कदम उठाया गया और न ही चिकित्सा सुविधा बहाल हो सकी, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
सड़कों पर उतरा गुस्सा
मंगलवार को गौशाला के सचिव दयाशंकर प्रसाद उर्फ सोनू के नेतृत्व में प्रबंधन समिति के सदस्य प्रखंड कार्यालय और प्रथम पशु चिकित्सालय पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने डॉक्टर के “लापता” होने के पोस्टर चिपकाकर प्रशासन के खिलाफ तीखी नाराजगी जताई।
गायें बीमार, पर कोई सुनने वाला नहीं’
गौशाला के उपाध्यक्ष सूरज कुमार बरनवाल ने बताया कि कई गायें बीमार हैं और तुरंत इलाज की जरूरत है। इसके बावजूद प्रशासन और पदेन अध्यक्ष सह अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
चेतावनी: आंदोलन होगा तेज
गौशाला प्रबंधन ने साफ कहा है कि यदि जल्द ही बीमार गोवंश के इलाज और जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और उग्र होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
📌 प्रमुख मांगें:
▪️ बीमार गोवंश का तुरंत इलाज कराया जाए
▪️ दोषी पशु चिकित्सक पर सख्त कार्रवाई हो
▪️ गौशाला में स्थायी और नियमित चिकित्सा व्यवस्था लागू हो
प्रशासन से अपील
गौशाला प्रबंधन समिति ने जिला प्रशासन से मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है।
इस विरोध प्रदर्शन में श्रवण कुमार, गणेश प्रसाद बरनवाल, बिनोद कुमार, संजय बरनवाल, संजय झा, प्रमोद कुमार, डब्लू कुमार, रिंटू कुमार माथुरी, श्याम साह सहित कई लोग मौजूद रहे।

