डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: भारतीय रेलवे आपदा प्रबंधन और यात्री सुरक्षा को लेकर अब और भी हाई-टेक हो गई है। चक्रधरपुर रेल मंडल के बंडामुंडा को अत्याधुनिक स्व-चालित दुर्घटना राहत चिकित्सा वैन की सौगात मिली है। मेमू ट्रेन की तर्ज पर डिजाइन की गई यह वैन किसी भी रेल हादसे की स्थिति में ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभाएगी, जिससे घायलों को मिलने वाले ‘गोल्डन ऑवर’ उपचार में तेजी आएगी।
क्यों खास है यह नई चिकित्सा वैन?
अभी तक दुर्घटना के समय राहत ट्रेन को भेजने के लिए अलग से इंजन (लोकोमोटिव) जोड़ने की जरूरत पड़ती थी, जिसमें कीमती समय बर्बाद होता था। लेकिन बंडामुंडा को मिली यह नई वैन स्वयं शक्ति-चालित है। यह वैन 140 से 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है। यह बिना किसी अतिरिक्त इंजन के तत्काल दुर्घटनास्थल की ओर रवाना हो सकती है। इसमें मेडिकल वैन, टूल्स वैन और पावर पैक एक साथ शामिल हैं, जो बचाव कार्यो को अधिक कुशल बनाते हैं।
इन रेलखंडों को मिलेगा सीधा फायदा
इस नई प्रणाली के आने से चक्रधरपुर मंडल के महत्वपूर्ण रेलखंडों की आपदा प्रबंधन क्षमता कई गुना बढ़ गई है।
नुवागांव – राउरकेला
राउरकेला – झारसुगुडा
बंडामुंडा – झारसुगुडा
बचाव कार्यो में आएगी तेजी
डीजल से संचालित यह वैन न केवल चिकित्सा सुविधा पहुंचाएगी, बल्कि इसमें मौजूद आधुनिक उपकरण मलबे में फंसे लोगों को निकालने और ट्रैक बहाली के काम में भी मदद करेंगे।
रेलकर्मियों में उत्साह
बंडामुंडा को मिले इस अत्याधुनिक रैक से रेल कर्मचारियों और अधिकारियों में भारी उत्साह है। रेलवे का मानना है कि इस कदम से न केवल राहत कार्यो में तेजी आएगी, बल्कि भविष्य में किसी भी अनहोनी की स्थिति में यात्रियों को बेहतर और त्वरित चिकित्सीय सुविधा सुनिश्चित की जा सकेगी।

