पलामू: झारखंड के पलामू में नए उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने अपने सख्त तेवर से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। शनिवार को सतबरवा प्रखंड सह अंचल कार्यालय, थाना और विद्यालयों के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने लापरवाही पर कड़ा एक्शन लेते हुए एक लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि BDO सह अंचल पदाधिकारी को शोकॉज नोटिस जारी किया गया।
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही तब सामने आई जब BDO अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित मिले। वहीं एक लिपिक ने डीसी को गलत जानकारी देकर गुमराह करने की कोशिश की, जिस पर DC ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे सस्पेंड कर दिया।
ब्लॉक में बिचौलियों पर सख्ती, अधिकारियों को अंतिम चेतावनी
डीसी के दौरे के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें घंटों कार्यालय के बाहर खड़ा रखा जाता है और बाद में गार्ड यह कहकर लौटा देते हैं कि अधिकारी मौजूद नहीं हैं। इस पर DC ने नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर मामला बताया और कार्यशैली में सुधार की अंतिम चेतावनी दी।
अंचल कार्यालय के निरीक्षण के दौरान DC ने साफ निर्देश दिया कि ब्लॉक परिसर में बिचौलियों की एंट्री पूरी तरह बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “ब्लॉक में सिर्फ काम करने वाले लोग दिखें, बिचौलियों को पनाह देने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
पेयजल संकट और शिक्षा व्यवस्था पर भी फोकस
सतबरवा में पेयजल संकट को लेकर DC ने कहा कि खराब चापाकलों की मरम्मत जल्द कराई जाएगी और जलापूर्ति बहाल की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कन्या मध्य विद्यालय और बालिका उच्च विद्यालय का निरीक्षण कर छात्राओं से संवाद किया और उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर व IAS बनने के लिए प्रेरित किया।
मैट्रिक में 99% रिजल्ट पर DC ने शिक्षकों की सराहना की और स्कूलों में जल्द डिजिटल क्लास शुरू करने की बात कही।
स्वच्छता और समय पालन पर सख्त निर्देश
ब्लॉक परिसर में फैली गंदगी पर नाराजगी जताते हुए DC ने तत्काल सफाई के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि जो अधिकारी या कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
DC के इस दौरे ने साफ कर दिया है कि अब पलामू में लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

