जदयू के बाहुबली विधायक पप्पू पांडेय को बड़ी राहत, फिलहाल गिरफ्तारी पर लगी रोक

Neelam
By Neelam
3 Min Read

बिहार के गोपालगंज जिले की कुचायकोट विधानसभा सीट से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए गोपालगंज की विशेष MP-MLA कोर्ट ने विधायक और उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी की गिरफ्तारी पर फिलाहल के लिए रोक लगा दी है। 

गिरफ्तारी पर तत्कालिक रोक के आदेश

भू-माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप में जारी वारंट पर कोर्ट ने फिलहाल बिहार में सत्ताधारी दल जेडीयू विधायक पप्पू पांडेय की गिरफ्तारी पर तत्कालिक रोक लगा दी है। दरअसल इस मामले में पहले विधायक के खिलाफ वारंट जारी किया गया था। हालांकि, अब अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। इस फैसले से विधायक को बड़ी राहत मिली।

क्या है पूरा मामला?

विधायक अमरेन्द्र पांडेय पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर भू-माफियाओं को संरक्षण दिया, जिसके चलते उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई थी। मामले में जांच के बाद कोर्ट ने वारंट जारी किया था, लेकिन अब इस पर रोक लगा दी गई है। विधायक पप्पू पांडेय और सतीश पांडेय पर आरोप है कि उन्होंने भू-माफियाओं को न केवल संरक्षण दिया। बल्कि जमीन संबंधी अवैध कार्यों में उनकी मदद भी की। जांच के बाद पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट से गिरफ्तारी का वारंट प्राप्त किया था।

7 मई को अगली सुनवाई 

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 मई की तिथि निर्धारित की है। इस अवधि तक पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकेंगी, जिससे उन्हें अपनी कानूनी रणनीति तैयार करने का पर्याप्त समय मिल गया है। बचाव पक्ष का शुरू से ही यह कहना रहा है कि इसे राजनीतिक द्वेष या गलतफहमी के कारण आपराधिक रंग देने की कोशिश की गई है।

पप्पू पांडेय के ठिकाने पर पुलिस ने मार था छापा

इससे पहले पप्पू पांडेय की तलाश में गोपालगंज पुलिस ने आसमान-पाताल एक कर दिया था। एसपी विनय तिवारी के नेतृत्व में पुलिस की कई टीमों ने विधायक के पैतृक आवास, उनके पेट्रोल पंप और कई अन्य ठिकानों पर छापे मारे। 13 अप्रैल की सुबह-सवेरे मारे गए छापों के बाद से ही विधायक और उनके भाई सतीश पांडेय को फरार बताया जा रहा था।

Share This Article