पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जनता दल यूनाइटेड में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने में जुट गए हैं। पिता नीतीश कुमार के दिल्ली रूख के बाद सक्रिय राजनीति की ओर कदम बढ़ाते दिख रहे हैं। राजनीतिक में आए निशांत ने पद का मोह त्यागते हुए सबसे पहले जनता से अपने रिश्ता पक्का करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में निशांत कुमार 3 मई से “सद्भाव यात्रा” की शुरुआत करने जा रहे हैं।
पश्चिम चंपारण से यात्रा की शुरुआत
निशांत कुमार प्रथम चरण के तहत दो दिवसीय यात्रा 3 मई से शुरू करेंगे। निशांत कुमार की राजनीतिक यात्रा का केंद्र बिंदु पश्चिम चंपारण (बेतिया) होगा, जहां से वे 3 मई को दोपहर 1:30 बजे अपने पहले औपचारिक कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। तीन और चार मई को चंपारण में निशांत यात्रा करेंगे। यह वही इलाका है, जहां से नीतीश कुमार ने भी कई बार अपनी जनसंपर्क यात्राओं की शुरुआत की थी। इस ‘सद्भाव यात्रा’ का खाका इस तरह तैयार किया गया है कि वे समाज के हर वर्ग तक पहुंच सकें।
चार महीनों तक जारी रहेगा सफर
पश्चिम चंपारण की ऐतिहासिक धरती से शुरू होकर यह सफर आगामी चार महीनों तक चलेगा। इस दौरान निशांत कुमार आधुनिक सुविधाओं से लैस हाईटेक रथ के जरिए बिहार के गांव-कस्बों तक पहुंचेंगे, जहाँ उनका मुख्य उद्देश्य लोगों की शिकायतों को सुनना और समाज में भाईचारे का संदेश प्रसारित करना होगा।
जनता की समस्याएं सुनेंगे और फीडबैक लेंगे
निशांत कुमार इस यात्रा के जरिए जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और फीडबैक लेंगे। साथ ही वे अपने पिता के शासनकाल में किए गए विकास कार्यों को भी लोगों के सामने रखेंगे। इस यात्रा को बिहार की राजनीति में नए समीकरणों के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से सार्वजनिक जीवन से दूर रहे निशांत कुमार का इस तरह सक्रिय होना कई राजनीतिक संकेत दे रहा है।

