डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स की भूख युवाओं को किस हद तक ले जा सकती है, इसका एक शर्मनाक उदाहरण ओड़िशा के क्योंझर जिले में देखने को मिला है। हाथियों के झुंड को प्रताड़ित करने और उनका वीडियो बनाकर वायरल करने के आरोप में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है।
रील का शौक पड़ा भारी
पकड़े गए आरोपियों में दो नाबालिग भी शामिल हैं। वन विभाग की टीम ने इनके पास से प्रताड़ना में इस्तेमाल किए गए उपकरण भी बरामद किए हैं। 1 ड्रोन कैमरा, 4 स्मार्टफोन और 1 मोटरसाइकिल जब्त किया गया है। पटना रेंज और जिला एनफोर्समेंट टीम की संयुक्त छापेमारी की।
कैसे दिया वारदात को अंजाम?
क्योंझर के डीएफओ धनराज एचडी के मुताबिक पटना, साहरपाड़ा और झुंपुरा इलाकों में हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसी दौरान कुछ युवकों ने हाथियों के करीब जाकर उन्हें डराने, छेड़ने और ड्रोन उड़ाकर उन्हें परेशान करने के वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिए। वीडियो वायरल होते ही विभाग हरकत में आया और आरोपियों को दबोच लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
वन विभाग ने जिन चार लोगों को हिरासत में लिया है, उनमें आकाश कुमार महंता (हरिचंदनपुर थाना क्षेत्र), दुष्मंत बेहेरा (घटगांव थाना क्षेत्र), दीपक महाकुड़ (नाबालिग), जगन कुमार बारिक (नाबालिग) शामिल है। चंपुआ रेंज के तीन अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस और वन विभाग की टीमें दबिश दे रही हैं।
वन विभाग की कड़ी चेतावनी
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने अपील की है कि हाथियों या अन्य वन्यजीवों के करीब जाकर फोटो या वीडियो न लें। ड्रोन का इस्तेमाल वन्यजीव क्षेत्रों में प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कठोर कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

