बिहार में आंधी-बारिश का रेड अलर्ट, 40-50 किमी रफ्तार वाली हवाओं का खतरा

Reena Sharma
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बिहार में 15 जून के बाद मॉनसून की एंट्री होगी। इससे पहले प्री मॉनसून का असर पूरे राज्य में दिखने लगा है। प्री-मानसून की सक्रियता ने बिहार में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। तेज हवाओं, गरज-चमक और झमाझम बारिश के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट आई है। जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, अब आंधी-बारिश और तेज हवाओं से खतरा पैदा हो गया है।

40-50 किमी की रफ्तार से चलेगीं हवाएं

बिहार में पिछले 10 दिनों से अलग-अलग जगहों पर बारिश का सिलसिला जारी है। इसी बीच मौसम विज्ञान केंद्र ने बिहार में बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। बिहार में 10 से 15 मई तक कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। वहीं मधुबनी जिले में बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि का रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।

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इन जिलों के लिए अलर्ट

अलर्ट वाले जिलों में पश्चिम व पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज शामिल हैं. इन इलाकों में हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।उत्तर बिहार के अधिकांश जिले और दक्षिण बिहार के पटना बेगूसराय नालंदा भोजपुरी में भी ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है।

16 मई तक बिगड़ा रहेगा मौसम का ‘मिजाज’

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो बिहार में अगले सप्ताह भी आंधी-बारिश का दौर जारी रहने वाला है। 16 मई तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बिगड़ने की आशंका जताई गई है। पिछले एक सप्ताह से बिहार में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है। आंधी के साथ हो रही बरसात ने तापमान में गिरावट तो दर्ज की। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।

मौसम में बदलाव का कारण

मौसम में आए इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से बिहार के वायुमंडल में भारी नमी बनी हुई है। जिससे लगातार बादल बन रहे हैं और रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इस सक्रियता के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में भी कमी आई है। जहां कैमूर 39 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा। वहीं मधेपुरा में न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे रातें काफी ठंडी महसूस की जा रही हैं।

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