जमशेदपुर ट्रिपल मर्डर: मोबाइल लॉक, जुबान बंद, आखिर किस राज को बचाने के लिए पुलिस को सहयोग नहीं कर रहा रवींद्र?

Manju
By Manju
2 Min Read

डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: एग्रिको ट्रिपल मर्डर केस के आरोपी और टाटा स्टील के सेवानिवृत्त कर्मचारी रवींद्र प्रसाद सिंह को फिलहाल घाघीडीह जेल के मेडिकल वार्ड में रखा गया है। अपनी पत्नी, बेटे और बेटी की हत्या के आरोप में जेल पहुंचे रवींद्र की मानसिक स्थिति और सुरक्षा को देखते हुए डॉक्टरों की एक टीम उन पर लगातार नजर रख रही है।

भगवान भी माफ नहीं करेगा
​जेल सूत्रों के मुताबिक, रवींद्र बार-बार एक ही बात दोहरा रहा है कि उसके दिमाग में शैतान घुस गया था, जिस कारण उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। उसने पछतावा जताते हुए यह भी कहा कि अब उसे भगवान भी माफ नहीं करेगा। जेल प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है ताकि वह डिप्रेशन में आकर आत्महत्या जैसा कोई कदम न उठा ले।

पुलिस की जांच में बड़े खुलासे
​इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस अब रवींद्र के वित्तीय लेन-देन और मोबाइल डेटा को खंगाल रही है।

Advertisement

करोड़ों का हिसाब: गिरफ्तारी के वक्त रवींद्र की जेब से एक पर्ची मिली थी, जिसमें रिटायरमेंट के बाद मिले 1.24 करोड़ रुपये का पूरा हिसाब-किताब दर्ज था।

FD में निवेश: इसी पर्ची में पोस्ट ऑफिस और बैंक में की गई 85 लाख रुपये की एफडी का भी जिक्र है। पुलिस अब इन सभी बैंक खातों और निवेशों की जांच कर रही है।

मोबाइल का रहस्य: पुलिस रवींद्र के मोबाइल को खोलने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह बार-बार कहने के बावजूद फोन का लॉक नहीं खोल रहा है। पुलिस को अंदेशा है कि मोबाइल के अंदर कत्ल की वजह से जुड़े कुछ गहरे राज छिपे हो सकते हैं।

फिलहाल जमशेदपुर पुलिस के लिए एग्रिको का यह ट्रिपल मर्डर केस अभी भी एक बड़ी पहेली बना हुआ है। पुलिस हर उस पहलू की जांच कर रही है जिससे यह साफ हो सके कि आखिर एक हंसते-खेलते परिवार को खत्म करने के पीछे का असली मकसद क्या था।

Share This Article