डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: 3 मई 2026 को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा में हुई व्यापक अनियमितताओं, पेपर लीक और संगठित गड़बड़ियों के खिलाफ आज जमशेदपुर में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा 12 मई को परीक्षा रद्द किए जाने की घोषणा के बाद इसे शिक्षा व्यवस्था की बड़ी प्रशासनिक विफलता करार देते हुए झारखंड छात्र मोर्चा ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। झारखंड छात्र मोर्चा की जिला समिति व महानगर समिति (पूर्वी सिंहभूम) के नेतृत्व में आज 15 मई को शाम 5 बजे जिला मुख्यालय के समक्ष केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया गया और मंत्रालय का पुतला दहन किया गया।
लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़: पप्पू यादव
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे झारखंड छात्र मोर्चा के कोल्हान सचिव पप्पू यादव ने केंद्र सरकार और NTA पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा देशभर के लाखों मेहनती और ईमानदार छात्र दिन-रात एक करके इस परीक्षा की तैयारी करते हैं। लेकिन शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के गैरजिम्मेदार रवैये के कारण आज छात्रों का भविष्य अंधकार में लटक गया है। परीक्षा रद्द होना इस बात का सबूत है कि पूरी प्रणाली फेल हो चुकी है।

छात्र मोर्चा की मुख्य मांगें
पारदर्शिता और जवाबदेही: पेपर लीक के दोषियों और संगठित गिरोहों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
दोषियों पर गाज गिरे: प्रशासनिक स्तर पर जिन अधिकारियों की लापरवाही से यह गड़बड़ी हुई, उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाए।
भविष्य की सुरक्षा: आगामी परीक्षाओं में फुलप्रूफ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी छात्र के साथ दोबारा ऐसा अन्याय न हो।
मीडिया से सहयोग की अपील
झारखंड छात्र मोर्चा ने इस छात्र आंदोलन को व्यापक आवाज देने के लिए तमाम मीडिया प्रतिनिधियों और प्रेस बंधुओं का आभार व्यक्त किया। संगठन का कहना है कि मीडिया के सहयोग से ही छात्रों के इस संघर्ष को ताकत मिलेगी और सोई हुई व्यवस्था को जगाया जा सकेगा। इस विरोध प्रदर्शन में जिले के सैकड़ों छात्र, युवा और मोर्चा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक सुर में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग की।

