डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : जमशेदपुर के जुगसलाई में शोरूम संचालक दिनेश बेरिया पर हुए जानलेवा हमले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले इस दुस्साहसिक कांड के पीछे किसी बाहरी गैंग का नहीं, बल्कि जेल की सलाखों के पीछे बैठे कुख्यात अपराधी मनीष सिंह का हाथ था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए गैंग के चार गुर्गो को दबोच लिया है।
जेल से बुना गया रंगदारी का ताना-बाना
पुलिस अनुसंधान में यह पूरी तरह साफ हो गया है कि जुगसलाई गौशाला रोड निवासी और कई आपराधिक मामलों के आरोपी मनीष सिंह ने जेल में बैठे-बैठे ही रंगदारी वसूलने की यह खौफनाक साजिश रची थी। कारोबारियों में दहशत पैदा करने के लिए उसने अपने गुर्गो को यूनिक कलेक्शन शोरूम के संचालक पर सीधे गोली चलाने का टास्क दिया था।
वह खौफनाक शाम: काउंटर के नीचे छिपकर बची जान
घटना शुक्रवार (15 मई) की शाम ठीक 4 बजे की है। जुगसलाई के भीड़भाड़ वाले इलाके में एक लाल रंग की कार आकर रुकती है। कार से उतरे चार हथियारबंद अपराधी सीधे शोरूम में दाखिल होते हैं और बिना किसी बातचीत के दिनेश बेरिया उर्फ चीकू को निशाना बनाकर सीधे फायरिंग कर देते हैं। दिनेश ने सूझबूझ दिखाई और पलक झपकते ही काउंटर के नीचे छुप गए, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई और बरामदगी
फायरिंग की इस घटना के बाद शहर के व्यवसायियों में भारी आक्रोश और खौफ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित जाल बिछाया और तकनीकी व गुप्त सूचना के आधार पर वारदात में शामिल चारों अपराधियों को दबोच लिया।

