डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: ‘कानून के हाथ सिर्फ अपराधियों को पकड़ने के लिए नहीं, बल्कि बेबसों को सहारा देने के लिए भी उठते हैं’ पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा पुलिस ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। आर्थिक तंगी और लाचारी के दलदल में फंसी झारखंड की दो बेटियां, जो महीनों से पंजाब और हरियाणा में अपनों के पास लौटने के लिए तड़प रही थी, आखिरकार पुलिस की संवेदनशीलता के कारण सकुशल अपने घर लौट आई हैं। पुलिस कप्तान अमित रेणु की इस खास पहल ने न सिर्फ दो परिवारों के आंसू पोंछे हैं, बल्कि समाज में ख़ाकी का एक बेहद मानवीय और संवेदनशील चेहरा भी पेश किया है।
6 महीने से टूटा था संपर्क, इंटरनेट से मिली सुराग तो मसीहा बनी पुलिस
मामला गुदड़ी थाना क्षेत्र के तिरकीड़ी गांव का है। यहां के रहने वाले विक्रम बरजो ने अपनी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी सुमन बरजो को जून 2024 में बेहतर भविष्य और पढ़ाई की उम्मीद के साथ रिश्तेदारों के भरोसे पंजाब भेजा था। सुमन वहां एक संस्था में रह रही थी, लेकिन बीते 6 महीनों से उसका परिवार से संपर्क पूरी तरह टूट चुका था। माता-पिता बेटी की सलामती के लिए दिन-रात दुआएं मांग रहे थे।
11 मई को चमकी उम्मीद की किरण
सोशल मीडिया के जरिए परिवार को पता चला कि सुमन हरियाणा की एक संस्था में है और घर लौटना चाहती है। बेटी का पता तो चल गया, लेकिन बेहद गरीब माता-पिता के पास इतने पैसे नहीं थे कि वे हरियाणा जाकर अपनी लाडली को वापस ला सकें। थक-हारकर पिता ने गुदड़ी थाने में मदद की गुहार लगाई। मामला जैसे ही आला अधिकारियों के संज्ञान में आया, तुरंत एक्शन लिया गया।
SP अमित रेणु के निर्देश पर चक्रधरपुर SDPO के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम तुरंत हरियाणा रवाना हुई और सुमन को सकुशल बरामद कर लिया। सुमन को चाईबासा की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश करने के बाद नम आंखों से उसके माता-पिता को सौंप दिया गया।
एक के रेस्क्यू में मिली दूसरी बेटी, पुलिस ने वहां भी बढ़ाया हाथ
चाईबासा पुलिस की यह मुहिम सिर्फ सुमन को लाने तक सीमित नहीं रही। जब पुलिस टीम हरियाणा की संस्था में सुमन को लेने पहुंची, तो वहां उन्हें झारखंड की ही एक और बेटी के बारे में पता चला। यह 20 वर्षीय युवती समनी कुमारी थी, जो गिरिडीह जिले की रहने वाली है। समनी भी पिछले 9 महीनों से वहां फंसी हुई थी। वह घर तो लौटना चाहती थी, लेकिन उसके परिवार की माली हालत भी ऐसी नहीं थी कि वे उसे लेने हरियाणा जा सकें। चाईबासा पुलिस ने मानवता दिखाते हुए समनी को भी अपनी कस्टडी में लिया और सुरक्षित चाईबासा लेकर आई।फिलहाल उसे सखी वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है और गिरिडीह में उसके परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है।
इस रेस्क्यू मिशन के ‘रीयल हीरोज’
हरियाणा जाकर दोनों बेटियों को महफूज वापस लाने वाली पुलिस टीम में इन अधिकारियों ने मुख्य भूमिका निभाई।
सुदर्शन मिंज (थाना प्रभारी, गुदड़ी)
चंदन शुभम शर्मा (पुलिस अवर निरीक्षक)
मनोज कुमार बोदरा (सहायक अवर निरीक्षक)
प्रियंका बिरूली (महिला आरक्षी)

