जमशेदपुर के 22 वर्षीय रिंकू पाल को मिला TOI ‘यंग क्लाइमेट चैंपियन’ अवार्ड, जानें कौन हैं ये ‘वायु वीर’

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। शहर की बस्तियों में पर्यावरण और स्वच्छ हवा की अलख जगाने वाले 22 वर्षीय युवा रिंकू पाल को मुंबई में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रतिष्ठित ‘यंग क्लाइमेट चैंपियन’ के खिताब से नवाजा गया है।
​यह सम्मान उन्हें 13वें जेएसडब्ल्यू-टाइम्स ऑफ इंडिया अवार्ड्स (JSW-The Times of India Earth Care Awards 2026) के तहत दिया गया। इस सम्मान के साथ ही रिंकू को एक मोमेंटो और 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि भी प्रदान की गई है।

कौन हैं रिंकू पाल और क्या है उनका ‘वायु वीर’ नेटवर्क?
​रिंकू पाल जमशेदपुर में प्रदूषण के खिलाफ चल रही एक अनूठी पहल ‘वायु वीर’ नेटवर्क के सक्रिय सदस्य हैं। महज 22 साल की उम्र में रिंकू ने पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और जलवायु जागरूकता के क्षेत्र में जो मिसाल पेश की है, वह आज पूरे झारखंड के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन चुकी है।
​रिंकू की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे अपनी पर्यावरण मुहिम से युवाओं को जोड़ने के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी और डिजिटल स्टोरीटेलिंग का सहारा लेते हैं। इसके जरिए वे समाज के हाशिए पर मौजूद उन समुदायों की आवाज़ बनते हैं, जो प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

इन 3 बड़े बदलावों के लिए मिला ‘क्लाइमेट चैंपियन’ का सम्मान
​रिंकू पाल ने बीते एक साल में जमशेदपुर के भीतर जमीनी स्तर पर कई बड़े अभियान चलाए हैं, जिन्हें जूरी ने बेहद सराहा।
वायु गुणवत्ता निगरानी में सफलता: ‘वायु वीर’ नेटवर्क के तहत रिंकू और उनकी टीम ने लगातार मांग उठाई कि हवा की शुद्धता का डेटा आम जनता तक आसानी से पहुंचे। उनके प्रयासों का ही असर है कि अब जिला प्रशासन ने शहर में अतिरिक्त एयर मॉनिटरिंग सिस्टम और एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाने के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
​‘ए मंथ इन माई लाइफ’ अभियान: इस विशेष अभियान के तहत रिंकू ने यह दस्तावेज तैयार किया कि किस तरह रोजाना प्रदूषण के बीच जीना पड़ता है। उन्होंने दिखाया कि खराब हवा का गरीब और कमजोर समुदायों के बच्चों, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य पर क्या बुरा असर पड़ रहा है।
बेलडीहग्राम स्वच्छता अभियान: सोनारी के पास स्थित बेलडीहग्राम में चलाया जा रहा यह अभियान ठोस कचरा प्रबंधन, खुले में कूड़ा जलाने से रोकने और स्वच्छ रसोई के प्रति जागरूकता फैलाने पर केंद्रित है।

दिग्गजों ने की तारीफ: यह जमीनी स्तर से निकला असली बदलाव है
​इस मौके पर अवार्ड कमेटी के जूरी सदस्य डॉ. अजय माथुर ने रिंकू के काम की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में भी जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर हो रही है। लोग इसलिए कदम नहीं उठा रहे कि यह कोई सरकारी या राष्ट्रीय आदेश है, बल्कि इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि वे दिल से इसे जरूरी समझते हैं। वहीं, जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन की चेयरपर्सन संगीता जिंदल ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य ऐसे ही धरातल पर बदलाव लाने वाले और इनोवेटिव सोच रखने वाले लोगों को आगे लाना है, क्योंकि यही प्रयास भविष्य के लिए असली और व्यावहारिक समाधान तैयार करते हैं।

जेएसडब्ल्यू-टाइम्स ऑफ इंडिया अवार्ड्स के बारे में
​आपको बता दें कि जेएसडब्ल्यू और द टाइम्स ऑफ इंडिया की ओर से इस पुरस्कार की शुरुआत साल 2008 में की गई थी। यह इसका 13वां संस्करण है, जो देश भर में पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने वाले दूरदर्शी लोगों, उद्योगों और जमीनी संगठनों को एक बड़ा मंच प्रदान करता है।

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