सीएम सम्राट के ‘हरा गमछा वाले’ बयान पर बढ़ा सियासी विवाद, रोहिणी आचार्य ने किया पलटवार

Neelam
By Neelam
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पटना में आयोजित एआई समिट 2026 के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा दिए गए एक बयान पर सियासी विवाद बढ़ गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ‘हरा गमछा’ वाले बयान पर राष्ट्रीय जनता दल की नेता रोहिणी आचार्य ने तीखा पलटवार किया है। रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार सरकार को घेरा है। 

भगवा गमछा धारी जमात गुंडों से पटी-रोहिणी

राज्य के सीएम सम्राट चौधरी ने ‘बिहार एआई शिखर सम्मेलन 2026’ में हरे गमछे को लेकर बयान दिया था। इस पर अब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने पलटवार किया है। रोहिणी आचार्य ने कहा कि भगवा गमछा धारी जमात गुंडों से पटी पड़ीं है, मगर बात हरे गमछा वालों को टारगेट करने की हो रही है।

सीएम बिहार में हिंसा भड़काना चाहते हैं-रोहिणी

रोहिणी ने आगे लिखा है, ‘देश व बिहार के तमाम माफिया, बड़े अपराधी और गुंडे, दंगा भड़काने वाले, कानून की धज्जियां उड़ाते हुए बंदूक लहराने वाले गैंगस्टर्स, बलात्कारी भगवा गमछा लहराने, भगवा मुरेठा बांधने वाली पार्टी में हैं, मगर कानून व्यवस्था दुरुस्त करने की आड़ में खुले मंच से बिहार के मुख्यमंत्री हरे गमछा वालों को टारगेट करने की बात कर रहे हैं? एक मुख्यमंत्री के द्वारा सार्वजनिक मंच से इस प्रकार का पूर्वाग्रह से प्रेरित एवं द्वेषपूर्ण बयान निंदनीय व दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा प्रतीत होता है कि हरे गमछा वालों को टारगेट करने की बातें कह कर बिहार के मुख्यमंत्री बिहार में हिंसा भड़काना चाहते हैं और अपने राजनीतिक विरोधियों को डराना चाहते हैं।’

सुशासन की पूरी परिभाषा एवं अवधारणा ही बदल दी-रोहिणी

रोहिणी ने लिखा है कि मुख्यमंत्री जी, आपने तो सुशासन की पूरी परिभाषा एवं अवधारणा ही बदल और सीमित कर दी। मुख्यमंत्री जी, सुशासन का रास्ता सिर्फ पुलिस नहीं है। सुशासन का रास्ता पुलिस के भरोसे से नहीं तय किया जा सकता है, सुशासन जनता के विश्वास से हासिल होता है। जहाँ हर समस्या का जवाब और समाधान पुलिस हो, वो सुशासन नहीं डर का शासन होता है। सुशासन डंडे से नहीं, शासन के न्याय और जवाबदेही से आता है।

सुशासन सिर्फ पुलिसिया हथकंडों से नहीं आता-रोहिणी

आरजेडी नेता ने लिखा, मुख्यमंत्री जी, पुलिस व्यवस्था का हिस्सा है, सुशासन का एकमात्र विकल्प नहीं। सुशासन में कानून के साथ इंसाफ भी दिखना चाहिए। सुशासन सिर्फ पुलिसिया हथकंडों, दमन और जातिगत भेद भरे मुठभेड़ों से नहीं आता बल्कि व्यवस्था में सार्थक सुधारने लाने से आता है। मुख्यमंत्री जी, जब जनता पुलिसिया दमन के डर से सवाल पूछने से डरे, तो उसे सुशासन नहीं कहा जा सकता। सुशासन का मतलब भय नहीं, शासन पर आम जनता का भरोसा होना चाहिए।

सीएम ये भी बोल देते कि भगवा गमछा वालों के हर गुनाह माफ- रोहिणी

सम्राट चौधरी को चेतावनी देते हुए रोहिणी आचार्य ने कहा कि बिहार के सीएम भूल रहे हैं कि ‘बिहार तानाशाही के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंकने वालों की भूमि है। मुख्यमंत्री के इस तानाशाही रवैए का भी माकूल जवाब भी बिहार की जनता अवश्य ही देगी।’ उन्होंने तंज करते हुए कहा कि सम्राट चौधरी जब तकनीकी और ज्ञान – विज्ञान के मंच, एआई ( AI) के संदर्भ में आयोजित मंच से बदले की भावना से भरा बयान दे ही रहे थे, तो उन्हें ये भी बोल ही देना चाहिए था कि भगवा गमछा वालों के सात खून, हर गुनाह माफ हैं।

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