डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : पश्चिम बंगाल में सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ पर लगाम लगाने और सजा पूरी कर चुके विदेशी नागरिकों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार के ताजा आदेश के बाद प्रदेश के सभी जिलों में होल्डिंग सेंटर बनाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। गौर करने वाली बात यह है कि गत 23 मई को इस संबंध में आधिकारिक दिशानिर्देश जारी होने के महज 48 घंटों के भीतर ही इस फैसले पर कड़ाई से अमल भी शुरू कर दिया गया है।
लालगोला के ‘पद्मा भवन’ में बना पहला सेंटर
इसी कड़ी में मुर्शिदाबाद के लालगोला स्थित पद्मा भवन की तीसरी मंजिल पर राज्य का पहला सक्रिय होल्डिंग सेंटर अस्तित्व में आ चुका है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस सेंटर में तीन बांग्लादेशी नागरिकों को लाकर रखा भी जा चुका है। सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज से फिलहाल इन तीनों की विस्तृत पहचान उजागर नहीं की गई है, लेकिन बताया जा रहा है कि ये सभी पुरुष हैं और इनकी उम्र 30 से 40 वर्ष के बीच है।
इन केंद्रों में रखे जाएंगे 3 श्रेणियों के विदेशी नागरिक
सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार इन होल्डिंग सेंटरों का उपयोग मुख्य रूप से तीन विशेष श्रेणियों के विदेशी नागरिकों को रखने के लिए किया जाएगा।
तत्काल पकड़े गए घुसपैठिए: सीमा लांघकर अवैध रूप से भारत में प्रवेश करते ही पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दबोचे गए घुसपैठियों को सीधे इन होल्डिंग सेंटरों में भेजा जाएगा।
विचाराधीन जेलबंदी: ऐसे विदेशी कैदी जो वर्तमान में जेलों में बंद हैं और जिनके मामले कोर्ट में लंबित हैं, उन्हें बार-बार अदालत में पेश करने की जटिलता से बचने के लिए सीधे इन सेंटरों में स्थानांतरित कर सुरक्षित रखा जाएगा।
सजा पूरी कर चुके विदेशी नागरिक: ऐसे बांग्लादेशी या अन्य विदेशी नागरिक जिनकी जेल की सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन कानूनी और कूटनीतिक पेचीदगियों के कारण जिनका स्वदेश वापसी अटका हुआ है, उन्हें भी इसी सुरक्षित ठिकाने पर रखा जाएगा।
प्रशासन की सख्ती: अन्य जिलों में भी तैयारी तेज
प्रशासन के इस तुरंत एक्शन से साफ है कि सीमावर्ती जिलों में घुसपैठ और विदेशी नागरिकों के अवैध ठहराव को लेकर सरकार अब किसी भी तरह की ढील बरतने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में राज्य के अन्य जिलों में भी ऐसे सेंटर तेजी से काम करना शुरू कर देंगे।

