डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: कानून को हाथ में लेने का अंजाम कितना भयानक हो सकता है, इसकी बानगी कोवाली थाना क्षेत्र के कुंदरुकोचा गांव में देखने को मिली है। 1 जून को हुई वृद्ध महिला बुसकी मुर्मू की हत्या के मुख्य आरोपी राम सरदार की इलाज के दौरान एमजीएम अस्पताल में मौत हो गई। वृद्ध महिला की हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी राम सरदार की बेरहमी से पिटाई कर दी थी, जो आखिरकार उसके लिए जानलेवा साबित हुई।
महुआ चुनने के विवाद में गई थी वृद्ध महिला की जान
डीएसपी रोहित कुमार रजवार के मुताबिक इस पूरी घटना के पीछे महुआ बीज चुनने का पुराना विवाद था। मृतका बुसकी मुर्मू को महुआ चुनने से मना किया गया था, लेकिन वह जंगल चली गई। इसी बात से तैश में आकर राम सरदार ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वृद्ध महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
कानून हाथ में लेने पर 25 ग्रामीणों पर हत्या का केस, चचेरा भाई जेल रवाना
वृद्ध महिला की हत्या से गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी राम सरदार को घेरकर उसकी जमकर धुनाई कर दी थी। सूचना मिलने पर कोवाली पुलिस ने घायल राम सरदार को सदर अस्पताल (परसुडीह) में भर्ती कराया था, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उसे एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया था। लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। अब इस मामले में पुलिस ने दोहरा रुख अख्तियार करते हुए कानून हाथ में लेने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी: मृतक राम सरदार की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने मारपीट के आरोप में उसके चचेरे बड़े भाई नीठू सरदार (48 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
25 अज्ञात पर केस: पुलिस ने राम सरदार की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में 20 से 25 अन्य अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ भी हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव के अनुसार ग्रामीणों की पिटाई से राम सरदार गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई। इस मामले में एक आरोपी को जेल भेजा जा चुका है और अन्य आरोपियों की पहचान के लिए कार्रवाई जारी है।
दोतरफा जांच में जुटी पुलिस
इस सनसनीखेज मामले के बाद कुंदरुकोचा गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस अब इस बहुचर्चित मामले में दो अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है—पहला वृद्ध महिला बुसकी मुर्मू की हत्या और दूसरा पुलिस को सूचना दिए बिना आरोपी राम सरदार की पीट-पीटकर जान लेने वाली उग्र भीड़ की पहचान। डीएसपी रोहित कुमार रजवार ने साफ किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

