धनबाद। जनगणना 2027 के प्रथम चरण ‘हाउस लिस्टिंग एवं आवास गणना’ के कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। धनबाद नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न विभागों से नियुक्त 150 से अधिक प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के विरुद्ध स्पष्टीकरण की कार्रवाई शुरू की गई है।
जनगणना कार्य को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए नगर निगम लगातार प्रशिक्षण, दायित्व निर्धारण और तैयारियों की समीक्षा कर रहा है। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई नियुक्त कर्मियों ने जनगणना संबंधी कार्यों में अपेक्षित योगदान नहीं दिया तथा सौंपे गए दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों के नियंत्रक पदाधिकारियों के माध्यम से 150 से अधिक कर्मियों से जवाब-तलब किया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि यह इस तरह की पहली कार्रवाई है। जनगणना कार्य की प्रगति और कर्मियों के योगदान की लगातार समीक्षा की जा रही है। समीक्षा के आधार पर भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर अन्य कर्मियों के खिलाफ भी स्पष्टीकरण और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य से जुड़े सभी कर्मियों के कार्य निष्पादन, सहभागिता और उत्तरदायित्व निर्वहन का मूल्यांकन किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में उदासीनता, निर्देशों की अवहेलना या लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गौरतलब है कि जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि जनगणना 2027 को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी नियुक्त कर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी और गंभीरता के साथ निर्वहन करना होगा।

