बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित साहिबगंज से बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह दोषी करार दिए गए हैं। दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने बीजेपी विधायक राजू को गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया है। 2019 में दिल्ली में न्यू ईयर पार्टी के दौरान हर्ष फायरिंग के दौरान एक महिला डॉक्टर की मौत के मामले में उन्हें गैर-इरादतन हत्या का दोषी करार दिया है। अब अगर विधायक राजू सिंह को दो साल से अधिक की सजा होती है तो उनकी विधायिकी खत्म हो जाएगी।
दोषी करार दिए जाने के बाद राजू कुमार सिंह गिरफ्तार
राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली में हर्ष फायरिंग के दौरान एक महिला की मौत के मामले में आरोपी बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को IPC की धारा 304 पार्ट-2 और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी ठहराया है। कोर्ट ने दोषसिद्धि के तुरंत बाद उन्हें हिरासत में लेने का आदेश दिया, जिसके बाद पुलिस ने राजू कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
सजा पर बहस 9 जून को
अब इस मामले में सजा के बिंदु पर बहस 9 जून, सोमवार को होगी। अगर विधायक राजू सिंह को दो साल से अधिक की भी सजा होती है तो ‘लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951’ कहता है कि दो साल से अधिक की सजा मिलने वाले जन प्रतिनिधि को अयोग करार दे दिया जाए। हालांकि, उन्हें हाईकोर्ट में अपील करने का अधिकार है लेकिन इससे सदस्यता बच नहीं सकती है। दोषसिद्धि या सजा पर जब तक सक्षम न्यायालय से रोक लग जाएगा तो स्थिति राजू सिंह के पक्ष में कुछ बेहतर हो सकती है।
क्या है पूरा मामला?
31 दिसंबर 2018 को दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में आयोजित एक न्यू ईयर पार्टी के दौरान हर्ष फायरिंग हुई थी। इसमें डॉ. अर्चना गुप्ता को गोली लग गई थी। गोली लगने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। मामला दर्ज हुआ। राउज एवेन्यू कोर्ट में लगातार सुनवाई हुई। छह जून 2026 को कोर्ट ने राजू सिंह को गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तरह दोषी मान लिया। हालांकि इस मामले में राजू सिंह की पत्नी रेणु सिंह, राणा राजेश सिंह और रमेंद्र सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।

