बुधवार 22 को बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर भारी बवाल देखा गया। हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए और डाक बंगला चौराहा पार कर गए। इसके बाद वो सीएम आवास तक पहुंच गए। इस दौरान नारेबाजी से लेकर पत्थरबाजी तक देखी गई। भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाई। अब इसको लेकर सियासत गरमा गई है। मंत्री रामकृपाल यादव ने तीखा रुख अपनाते हुए विपक्ष और सड़कों पर उतरने वाले आंदोलनकारियों को असामाजिक तत्व और गुंडा बता डाला है।
सुनियोजित तरीके से माहौल खराब करने की कोशिश-रामकृपाल यादव
पटना में छात्रों के चल रहे प्रदर्शन पर बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि पटना में जो छात्र प्रदर्शन कर रहे है वे छात्र नहीं हैं बल्कि असामाजिक तत्व और गुंडे शामिल हैं जो सुनियोजित तरीके से राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
अराजकता-गुंडागर्दी से सत्ता में वापसी का ख्वाब-रामकृपाल यादव
मंत्री रामकृपाल यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जो लोग लोकतांत्रिक तरीके से यानी जनता के वोटों के जरिए चुनाव नहीं जीत सके, वे अब अराजकता और गुंडागर्दी के बल पर सत्ता में वापसी का ख्वाब देख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन की आड़ में न सिर्फ सरकार को निशाना बनाया जा रहा है, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पत्रकारों तक पर हमले किए जा रहे हैं।
सदन में भी उठा छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा
वहीं, पटना में हुए प्रदर्शन का मुद्दा आज बिहार विधानसभा में भी उठा। बिहार विधानसभा में बीजेपी के विधायक श्याम बाबू ने कहा कि बुधवार को हमले में उनकी जान बड़ी मुश्किल से बची है। उन्होंने आगे कहा कि डाकबंगला चौराहे पर जो कल प्रदर्शन हुआ, वो छात्रों का प्रदर्शन नहीं था। वे राजनीतिक दल के गुंडे थे। इसके बाद सन में हंगामा बढ़ गया। इसपर सत्ता पक्ष और विपक्षी विधायकों के बीच भिड़ने की नौबत आ गई। मार्शल ने बीच बचाव करके मामले को शांत करवाया। विधानसभाध्यक्ष ने हंगामा कर रहे विधायकों को शांत होने का आग्रह किया। लेकिन जब कोई विधायक उनकी बात नहीं माने तो उन्होंने दिन के दो बजे तक के लिए सदन की कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया।

