डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : मोहब्बत में मिली बेवफाई, सौतेली बेटी के इश्क में मामा से दुश्मनी और 15 लाख का पेंडिंग हिसाब—ये कहानी किसी बॉलीवुड थ्रिलर फिल्म की नहीं, बल्कि जुगसलाई की सड़कों पर लिखी जा रही एक खूनी पटकथा की है। जेल से छूटे अपराधी मो. निजाम को मौत के घाट उतारने के लिए बुना गया यह जाल अगर समय रहते पुलिस न काटती, तो जुगसलाई में एक बड़ी गैंगवार देखने को मिलती। सिटी एसपी ललित मोहन मीणा और जुगसलाई थाना पुलिस की मुस्तैदी ने न केवल इस मर्डर प्लान को नाकाम किया, बल्कि कुख्यात अपराधी खुर्शीद उर्फ भाकुड़ समेत 10 बदमाशों को हथियार के बड़े जखीरे के साथ धर दबोचा।
तीन लव-स्टोरी और एक मर्डर का प्लान
जेल में काटी सजा, बाहर आई तो प्रेमिका बन चुकी थी दुश्मन की पत्नी:
कुख्यात भाकुड़ जब जेल की सलाखों के पीछे था, तब उसकी प्रेमिका निखत परवीन उर्फ पूजा ने उसके विरोधी मो. निजाम से निकाह कर लिया। जेल से बाहर आए भाकुड़ के लिए यह सिर्फ धोखा नहीं, बल्कि उसकी आन और इज्जत पर बड़ा प्रहार था। वह निजाम को रास्ते से हटाकर अपनी बेइज्जती का बदला लेना चाहता था।
घर का भेदी लंका ढाए—मामा की जान का प्यासा बना भांजा:
निजाम का सगा भांजा शहजादा भी इस साजिश का मुख्य मोहरा बना। शहजादा का दिल अपने ही मामा निजाम की सौतेली बेटी कशिश पर आ गया था। लेकिन निजाम ने कशिश की शादी कपाली के एक युवक से करा दी। प्यार में नाकाम और गुस्से से आगबबूला शहजादा ने अपने ही मामा को ठिकाने लगाने के लिए भाकुड़ गिरोह से हाथ मिला लिया और हथियार तक जुटाए।
15 लाख रुपये और ब्राउन शुगर का कारोबार:
इश्क के इस खेल में जब 15 से 16 लाख रुपये के लेन-देन का विवाद और ब्राउन शुगर तस्करी का नेटवर्क जुड़ा, तो रंजिश जानलेवा हो गई।
रेलवे पुल के नीचे सज रही थी मौत की महफिल
21 जुलाई की रात जुगसलाई पुलिस को पक्की गुप्त सूचना मिली कि तड़ीपार अपराधी भाकुड़ अपने साथियों के साथ गरीब नवाज कॉलोनी स्थित रेलवे पुल के बेसमेंट में हथियारों से लैस होकर इकट्ठा हुआ है। पुलिस की स्पेशल टीम ने बिना वक्त गंवाए वहां घेराबंदी की। मौके से शहजादा, इकबाल, अरसलीन शेख और रिजवान को दबोचा गया। इनकी निशानदेही पर इस्लामनगर के ईदगाह मैदान और शिव घाट पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर फैसल, अफ्ताब, अरवाज, सितारे और एक नाबालिग समेत कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
बरामदगी
3 देसी पिस्टल
मैगजीन व कई जिंदा कारतूस
कारतूस के खोखे
19 जुलाई की फायरिंग और ड्रग्स नेटवर्क की जांच
पुलिस की मानें तो 19 जुलाई को जुगसलाई में हुई जानलेवा फायरिंग के तार भी इसी गिरोह से जुड़े हैं। बरामद खोखों और पिस्तौल की बैलिस्टिक जांच कराई जा रही है। तड़ीपार होने के बावजूद शहर में छिपकर ब्राउन शुगर का धंधा चलाने वाले भाकुड़ पर हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इस बात की तहकीकात में जुटी है कि इस गैंग को हथियार सप्लाई कौन कर रहा था और इनका ड्रग्स नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।

