डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : जमशेदपुर में टाटा स्टील के एक आवासीय क्वार्टर पर अवैध कब्जे को लेकर शुक्रवार को उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब कंपनी की सुरक्षा और प्रवर्तन टीम क्वार्टर खाली कराने मौके पर पहुंची। आरोप है कि ढाई साल से अवैध रूप से जमे पुलिस एएसआई ने न सिर्फ कार्रवाई का विरोध किया, बल्कि टीम के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दे डाली।
क्या है पूरा मामला?
मामला जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र स्थित टाटा स्टील के एक आवासीय क्वार्टर का है। जानकारी के अनुसार यह क्वार्टर मूल रूप से टाटा स्टील के एक कर्मचारी को आवंटित किया गया था। उस कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने के बाद नियमानुसार क्वार्टर को खाली कर दिया गया था। लेकिन इसके बाद मानगो यातायात थाना में पदस्थापित असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर अरविंद सिंह ने इस खाली क्वार्टर पर अवैध रूप से कब्जा जमा लिया। इतना ही नहीं उन्होंने टाटा स्टील प्रबंधन की बिना किसी अनुमति या वैध दस्तावेज के क्वार्टर में बिजली और पानी का कनेक्शन भी जुड़वा लिया और पिछले करीब ढाई वर्षों से वहां रह रहे थे।
नोटिस फाड़ा, वर्दी की धौंस दिखाई
टाटा स्टील प्रबंधन को जब इस अवैध कब्जे की जानकारी मिली तो उन्होंने एएसआई अरविंद सिंह को कई बार आधिकारिक नोटिस जारी कर क्वार्टर खाली करने का निर्देश दिया। इसके बावजूद कब्जा बरकरार रहा। शुक्रवार को जब टाटा स्टील की टीम दलबल के साथ क्वार्टर खाली कराने और अवैध कब्जा हटाने के अपने नियमित अभियान के तहत वहां पहुंची, तो एएसआई अरविंद सिंह ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने न केवल टीम के अधिकारियों के साथ बदसलूकी और अभद्र व्यवहार किया, बल्कि क्वार्टर खाली कराने के कानूनी नोटिस को भी फाड़ दिया। टीम के सदस्यों को डराने के लिए उन्होंने अपनी पुलिस वर्दी की धौंस दिखाई और काम रोकने के लिए धमकाया।
अभियान जारी: टाटा स्टील प्रबंधन शहर में अपने आवासों से अवैध कब्जे हटाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। घटना के बाद मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई थी और कंपनी की टीम ने मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी है। पुलिस विभाग के एक जिम्मेदार पद पर रहते हुए इस तरह के गैर-कानूनी कृत्य और अभद्रता को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा हो रही है।

