पलामू – जेल यातना गृह नहीं, सुधार गृह है; कैदियों को मिलते हैं संविधान प्रदत्त अधिकार : संतोष पांडेय

KK Sagar
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मेदिनीनगर जेल में जागरूकता शिविर आयोजित, बंदियों को कानूनी सहायता और अधिकारों की दी गई जानकारी

झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश तथा पलामू के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम शर्मा के मार्गदर्शन में शुक्रवार को मेदिनीनगर जेल में एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के सचिव राकेश रंजन की देखरेख में किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय ने कहा कि जेल यातना गृह नहीं बल्कि सुधार गृह है। यहां बंदियों को अपने द्वारा किए गए अपराध पर पश्चाताप करने और जीवन को नई दिशा देने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत प्रत्येक कैदी को मानवीय गरिमा के साथ जीने का अधिकार प्राप्त है। किसी भी कैदी के साथ शारीरिक उत्पीड़न या अमानवीय व्यवहार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि हर बंदी को अपनी पसंद का वकील रखने का अधिकार है और आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।

संतोष पांडेय ने कहा कि जेल में बंद सभी कैदियों को बिना किसी भेदभाव के पर्याप्त चिकित्सा सुविधा और उचित इलाज पाने का अधिकार है। वहीं महिला बंदियों के साथ रहने वाले छह वर्ष तक की आयु के बच्चों को भी भोजन, कपड़े, शिक्षा और मनोरंजन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

इस अवसर पर जेलर देवनाथ राम ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से जेल बंदियों को मुफ्त वकील उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बंदियों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी बंदी बिना वकील के न रहे। जो बंदी अब तक वकील नहीं रख पाए हैं, वे इसकी जानकारी दें ताकि उन्हें तत्काल कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

उन्होंने यह भी बताया कि बंदी प्ली बारगेनिंग के माध्यम से भी अपने मामलों का निस्तारण करा सकते हैं। इसके अलावा जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं की भी जानकारी बंदियों को दी गई।

शिविर में भीष्म नारायण सिंह लॉ कॉलेज के इंटर्नशिप कर रहे छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया। इस दौरान नेहा कुमारी, अंजली कुमारी, अनुराग कुमार तिवारी, प्रेमजीत कुमार गुप्ता समेत पीएलवी और बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे।

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