अब दूसरे राज्य जाने का झंझट खत्म! झारखंड के इन 3 बड़े अस्पतालों में शुरू होने जा रहा कॉर्निया ट्रांसप्लांट

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : आंखों की गंभीर समस्याओं से जूझ रहे और कॉर्निया ट्रांसप्लांट के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने वाले झारखंड के मरीजों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। अब राज्य के मरीजों को आंखों के प्रत्यारोपण के लिए बाहर जाकर मोटी रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी। जमशेदपुर के दो बड़े अस्पतालों एमजीएम व टीएमएच और रांची के आईआरआईएस सुपर स्पेशलिटी आई केयर सेंटर में अब कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने जा रही है। रांची के नेपाल हाउस में स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई एडवाइजरी कमेटी की बैठक में इस ऐतिहासिक फैसले को हरी झंडी दे दी गई है। कमेटी ने इन तीनों अस्पतालों को अगले 5 वर्षों के लिए कॉर्निया ट्रांसप्लांट करने की आधिकारिक अनुमति दे दी है।

जमशेदपुर के MGM में खुलेगा आई बैंक, मरीजों को होगा सीधा फायदा
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा कोल्हान क्षेत्र के मरीजों को मिलने वाला है। बैठक में समीक्षा के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को न सिर्फ कॉर्निया ट्रांसप्लांट की मंजूरी मिली है, बल्कि अस्पताल में आई बैंक की स्थापना और उसके संचालन का अधिकार भी दे दिया गया है। आई बैंक बनने से क्षेत्र में नेत्रदान को बढ़ावा मिलेगा और समय पर कॉर्निया उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा टाटा मेन हॉस्पिटल और रांची के IRIS आई केयर सेंटर को भी ट्रांसप्लांट की अनुमति मिल गई है।

मानकों पर खरे नहीं उतरे 2 अस्पताल, प्रस्ताव खारिज
एडवाइजरी कमेटी की इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल 5 अस्पतालों के प्रस्तावों पर गहन चर्चा की गई थी। हालांकि कड़े नियमों और मानकों के कारण केवल 3 अस्पतालों को ही मंजूरी मिल सकी।

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इन्हें मिली मंजूरी: टीएमएच (जमशेदपुर), एमजीएम (जमशेदपुर) और आईआरआईएस सुपर स्पेशलिटी आई केयर (रांची)।

इनका प्रस्ताव हुआ खारिज: लोकनायक जयप्रकाश नारायण आई हॉस्पिटल और कोडरमा रोटरी चैरिटेबल ट्रस्ट।

खामी क्या रही: इन दोनों संस्थानों के पास प्रशिक्षित मानव संसाधन और मशीनरी उपकरण तय मानकों के अनुरूप उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण इनका रजिस्ट्रेशन फिलहाल नहीं किया गया।

बैठक में ये रहे मौजूद
स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह की अगुवाई में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, रिम्स के हृदय रोग विभाग के प्राध्यापक डॉ. हेमंत नारायण, रिम्स नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार और झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता निरूपमा सहित कमेटी के सभी सदस्य मौजूद थे।

मरीजों को कैसे मिलेगा फायदा?
अब तक झारखंड में कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सीमित सुविधाओं की वजह से मरीजों को ओडिशा, पश्चिम बंगाल या दक्षिण भारत के अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते थे। सरकारी अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से गरीब मरीजों का इलाज बेहद कम खर्च या मुफ्त हो सकेगा। वहीं TMH और IRIS जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में आधुनिक तकनीक से ट्रांसप्लांट की राह आसान होगी।

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