डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर :टाटा स्टील के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से अटका हुआ वेज रिवीजन आखिरकार फाइनल हो गया है। करीब 18 महीने के इंतजार और 5 महीनों में हुई बैक-टू-बैक 49 बैठकों के बाद इस समझौते पर अंतिम मुहर लग गई। इस नए समझौते के बाद कर्मचारियों की सैलरी में 16,111 से लेकर 30,793 रुपये प्रति माह तक का बंपर इजाफा होने जा रहा है। बढ़ा हुआ वेतन अगस्त 2026 से सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में आने लगेगा।
7 साल के लिए हुआ समझौता, जानिए बड़ी बातें
यह वेतन समझौता पूरे 7 साल (1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2031) के लिए लागू किया गया है। उप श्रमायुक्त की अध्यक्षता में हुए इस त्रिपक्षीय समझौते पर टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नू सहित अन्य पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के मुख्य बिंदु
अधिकतम सैलरी: अब कर्मचारियों का अधिकतम वेतनमान बढ़कर ₹1.36 लाख प्रति माह हो गया है।
न्यूनतम और अधिकतम बढ़ोतरी: कर्मचारियों के वेतन में कम से कम ₹16,111 और अधिकतम ₹30,793 की मासिक वृद्धि हुई है।
भत्तों में इजाफा: अलाउंस में करीब 3,000 रुपए प्रति माह की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा फिक्स डीए भी बढ़ाया गया है।
OS और NS ग्रेड के कर्मचारियों को क्या मिला?
इस समझौते में ओल्ड सीरीज और न्यू सीरीज दोनों ही ग्रेड के कर्मचारियों के लिए बड़ा फायदा तय किया गया है।
ओल्ड सीरीज : ओएस ग्रेड के कर्मचारियों का न्यूनतम वेतनमान जो पहले ₹54,025 था, वह अब बढ़कर ₹86,055 प्रति माह हो गया है। वहीं इस ग्रेड की सबसे ऊंची श्रेणी (ओएस-12) का वेतन ₹85,720 से बढ़ाकर ₹1,36,535 प्रति माह कर दिया गया है।
मिनिमम गारंटेड बेनिफिट : ओल्ड सीरीज के कर्मचारियों के एमजीबी में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।
न्यू सीरीज : एनएस ग्रेड के कर्मचारियों के वेतन में अधिकतम ₹18,747 तक की बढ़ोतरी हुई है। इस ग्रेड के कर्मचारियों का औसत एमजीबी ₹8,810 प्रति माह तय किया गया है।
पहली बार शामिल हुई नेशनल पेंशन स्कीम
टाटा स्टील के इतिहास में पहली बार कर्मचारियों के लिए नेशनल पेंशन स्कीम की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत कर्मचारियों को प्रति माह ₹1000 पेंशन स्कीम के तहत दिए जाएंगे। यह सुविधा ओल्ड सीरीज और न्यू सीरीज दोनों ग्रेड के लिए है। यह पूरी तरह ऐच्छिक है। अगर कोई कर्मचारी यह राशि अपने वेतन में ही चाहता है, तो वह आवेदन देकर इसे ले सकता है, जिससे वेतन से कटौती नहीं होगी।
कंपनी की जेब पर पड़ेगा ₹1840 करोड़ का भार
इस ऐतिहासिक वेतन समझौते से टाटा स्टील पर अगले 7 वर्षों में कुल ₹1840 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। इस कुल राशि में से सबसे बड़ा हिस्सा यानी ₹1200 करोड़ (65.2%) NS ग्रेड के कर्मचारियों पर और ₹640 करोड़ (34.8%) OS ग्रेड के कर्मचारियों के वेतन वितरण पर खर्च होगा।

