बिहार में भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पुलिस प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच एनकाउंटर के आठ दिन बाद आदी रात को भोजपुर के एसपी मिस्टर राज खुद भरत तिवारी के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को निष्पक्ष जांच और सुरक्षा का भरोसा दिया।
देर रात दल-बल के साथ पहुंचे बिलौटी गांव
बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए कथित पुलिस एनकाउंटर के एक सप्ताह बाद, भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) सदर एसडीपीओ रंजीत कुमार सिंह और शाहपुर थाने की पुलिस टीम के साथ देर रात अचानक मृतक भरत तिवारी के घर पहुंचे।
एक हफ्ते बाद पीड़ित परिवार से की मुलाकात
पुलिस अधीक्षक ने भरत के माता-पिता, भाई और भाभी से मिलकर करीब आधे घंटे तक बातचीत की। इस मुलाकात के दौरान परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई है।
एनकाउंटर के बाद अस्पताल के बदले थाने ले गई पुलिस
परिजनों ने पुलिस कप्तान के सामने कई दावे किए और इस एनकाउंटर की कहानी पर सवाल उठाए। परिजनों ने आरोप लगाया कि एनकाउंटर के तुरंत बाद गंभीर रूप से घायल भरत तिवारी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय पुलिस ने कई घंटों तक उन्हें थाने में ही रखा। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर उन्हें अस्पताल पहुंचा देती और इलाज शुरू हो जाता, तो शायद आज भरत तिवारी जिंदा होते।
दोषी पुलिसकर्मियों को फांसी देने की मांग
भरत तिवारी की मांग ने अपने बेटे के लिए न्याय की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक को बताया कि जब तक उनके बेटे की जान लेने वाले दोषी पुलिसकर्मियों को कड़ी से कड़ी सजा यानी फांसी नहीं मिल जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि कानून के रखवालों ने खुद कानून हाथ में लिया है, इसलिए उन पर हत्या का मुकदमा चलना चाहिए। एसपी ने मां की बातों को बेहद गंभीरतापूर्वक सुना और उन्हें उचित कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया।
किसकी है बिना नंबर प्लेट वाली काली गाड़ी
वहीं, बातचीत के दौरान, परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने SP राज को बताया कि भरत तिवारी की मौत के बाद से बिना नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध काली गाड़ी अक्सर उनके घर के बाहर रुकती है और घूमती रहती है। यह गाड़ी दिन में कई बार घर के आस-पास रेकी (निगरानी) करती देखी गई है, जिससे डर का माहौल बन गया है और परिवार को लग रहा है कि उनकी जान को तुरंत खतरा है।
परिजनों को विशेष सुरक्षा मुहैया
परिजनों की चिंता को देखते हुए एसपी ने उनके घर पर विशेष सुरक्षा गार्ड मुहैया कराने की बात कही। देर रात हुए इस औचक दौरे में एसपी राज करीब आधे तक पीड़ित परिवार के घर रुके और उनके हर एक सवाल का जवाब दिया। परिजनों से मुलाकात खत्म करने और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा देने के बाद पुलिस अधीक्षक बिना किसी से बातचीत किए वहां से चुपचाप निकल गए। भोजपुर के बिलौटी गांव की इस घटना के बाद से स्थानीय लोग लगातार पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं और इसे सरेआम की गई हत्या करार दे रहे हैं।

