डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : शिक्षा के मंदिर अब अपराधियों की पाठशाला बनते जा रहे हैं। परसुडीह थाना क्षेत्र के श्यामा प्रसाद इंटर कॉलेज से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने कॉलेज सुरक्षा और प्रबंधन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉलेज के क्लासरूम में छात्रों द्वारा देसी कट्टा और .315 बोर की जिंदा गोली लहराने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने आनन-फानन में तीन छात्रों को निष्कासित तो कर दिया, लेकिन भविष्य बचाने के नाम पर पुलिस से इस संगीन अपराध को छुपाए रखा।
रसूख और धाक जमाने के लिए बैग में पहुंचा मौत का सामान
जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो में दिख रहा मुख्य आरोपी छात्र 12वीं विज्ञान का छात्र है। कुछ दिनों पहले कॉलेज परिसर में उसका कुछ लड़कों से आपसी विवाद और मारपीट हुई थी। इसी का बदला लेने और कॉलेज में अपनी धाक जमाने के उद्देश्य से वह अपने बैग में देसी कट्टा और जिंदा कारतूस छुपाकर क्लासरूम तक पहुंच गया। क्लास के भीतर बेंच पर बैठकर उसने अपने दोस्तों (प्रेम और हर्ष मिश्रा) को हथियार दिखाया और रील बनवाई, जो बाद में वायरल हो गई।
सख्ती के आगे टूटी हेकड़ी, उगला राज
वीडियो वायरल होने के बाद जब कॉलेज प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू की, तो आरोपी छात्र लगातार अपने बयान बदलता रहा। हालांकि जब उसे वीडियो दिखाकर सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने कुबूल किया कि हथियार उसी का था और उसे यह सामान उसके एक दोस्त ने मुहैया कराया था। वहीं मामले के दो अन्य आरोपी छात्र प्रेम और हर्ष मिश्रा फिलहाल मोबाइल बंद कर फरार बताए जा रहे हैं।
प्राचार्य की दलील: भविष्य खराब न हो, इसलिए पुलिस को नहीं बताया
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला रवैया कॉलेज प्रबंधन का रहा। क्लासरूम तक अवैध हथियार पहुंचने जैसी गंभीर सुरक्षा चूक के बावजूद प्रशासन ने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। कॉलेज के प्राचार्य एस. सी. महतो का कहना है कि
अगर छात्रों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई होती है, तो उनका भविष्य पूरी तरह बर्बाद हो सकता है। इसी मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए फिलहाल पुलिस को शिकायत नहीं दी गई है।
सवाल जो प्रबंधन को कटघरे में खड़ा करते हैं
सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे? क्या कॉलेज के मुख्य गेट पर छात्रों के बैग की कोई चेकिंग नहीं होती?
अपराध को बढ़ावा या मानवीय दृष्टिकोण? क्लासरूम में अवैध हथियार लाना एक गंभीर कानूनी अपराध है। ऐसे में पुलिस को सूचना न देकर क्या कॉलेज प्रशासन अपराधियों को संरक्षण दे रहा है?
बाकी छात्रों की सुरक्षा का क्या? अगर क्लासरूम में किसी बात पर गोली चल जाती, तो मासूम छात्रों की जान का जिम्मेदार कौन होता?
अभिभावकों में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद से कॉलेज के अन्य छात्रों के अभिभावकों और शिक्षाविदों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि प्रबंधन की यह नरमी भविष्य में किसी बड़ी अप्रिय घटना को दावत दे सकती है। इंटरनेट मीडिया पर लोग अब स्थानीय पुलिस से इस मामले का खुद संज्ञान लेने की मांग कर रहे हैं।

