भरत तिवारी एनकाउंटर की न्यायिक जांच शुरू, DIG-DM के साथ बिलौटी गांव पहुंचे रिटायर्ड जज

Neelam
By Neelam
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भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच शुरू हो गई है। घटना के आठ दिन बाद बिहार राज्य विधि आयोग की जांच टीम गुरुवार को शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव पहुंची। टीम का नेतृत्व पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा कर रहे हैं।

पूर्व जज विनोद सिन्हा के नेतृत्व में न्यायिक जांच

भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए कथित पुलिस एनकाउंटर मामले की जांच के लिए बिहार सरकार की ओर से गठित न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष और पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा खुद घटनास्थल और पीड़ित परिवार के घर बिलौटी पहुंचे। 17 जून को हुए इस कथित एनकाउंटर के बाद से ही दोषी पुलिसकर्मियों को सजा देने और उन्हें फांसी की मांग को लेकर लगातार उग्र प्रदर्शन और हंगामे हो रहे हैं। बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए राज्य सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्च स्तरीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। इसी क्रम में, आयोग के अध्यक्ष और पटना उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश बिनोद सिन्हा भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहली बार बिलौटी गांव पहुंचे और परिजनों से बात की।

पूर्व जज विनोद सिन्हा ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

विनोद सिन्हा ने उस इलाके और खेत का निरीक्षण किया जहां कथित तौर पर 17 जून को एनकाउंटर हुआ था। इस दौरान उनके साथ शाहबाद रेंज के डीआईजी सत्य प्रकाश, भोजपुर के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया और भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज समेत जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा सीधे पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। वहां उन्होंने भरत तिवारी के माता-पिता और उनके भाई से मुलाकात कर घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जानकारी ली।

परिजनों और स्थानीय लोगों से ली गई जानकारी

इस दौरान मीडिया से बातचीत के क्रम में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) विनोद कुमार सिन्हा ने कहा कि यह जांच प्रक्रिया के तहत टीम की पहली यात्रा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल परिजनों और स्थानीय लोगों से जानकारी एकत्र की जा रही है। प्राप्त आवेदन उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के अध्ययन के बाद जांच आगे बढ़ाई जाएगी। वहीं, जस्टिस सिन्हा ने पीड़ित परिवार से कहा कि वे जो भी चाहती हैं, उसे लिखित रूप में दें। 

प्रशासन गुंडा है और गुंडे का इलाज है फांसी-भरत तिवारी की मां

जज से मुलाकात के बाद भरत तिवारी की मां आशा देवी मीडिया के सामने आईं और अधिकारियों पर साजिश का आरोप लगाया। आशा देवी ने कहा, मैंने जज साहब से साफ-साफ कह दिया है कि मेरे बेटे को जिस-जिस ने मिलकर मारा है, उन सबको फांसी होनी चाहिए। जिस एसडीएम का मेरे बेटे की हत्या में हाथ था, वह भी आज इन अधिकारियों और जांच टीम के साथ ही गाड़ी से यहां आया था। प्रशासन गुंडा है और गुंडे का इलाज है फांसी। मुझे कोर्ट पर पूरा विश्वास है, लेकिन इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच होनी चाहिए।”

क्या है मामला?

बता दें कि 17 जून को शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस ने एनकाउंटर के नाम पर भरत भूषण तिवारी को गोली मार दी। जिसकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस का कहना था कि आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी थी, जबकि परिजनों का आरोप है कि हथियार फेंकने के बाद उसे गोली मारी गई थी। वहीं, वायरल वीडियो में भी साफ दिख रहा है कि भरत ने पिस्टल फेंक दिया था।

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