डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर :भारतीय उद्योग जगत की दिग्गज कंपनी टाटा स्टील ने वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपनी सिंगापुर स्थित पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी टी स्टील होल्डिंग्स में 1,625.29 करोड़ रुपये (172 मिलियन डॉलर) का भारी-भरकम निवेश किया है। इस मेगा डील के जरिए टाटा स्टील ने टी स्टील होल्डिंग्स के करीब 1.99 अरब (1.99 Billion) नए इक्विटी शेयर खरीदे हैं।
मार्च में बनी बड़ी योजना का हिस्सा
कंपनी का यह कदम कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है। दरअसल इसी साल 17 मार्च को टाटा स्टील के बोर्ड ने एक व्यापक निवेश योजना को मंजूरी दी थी। यह नया निवेश उसी रणनीति का एक हिस्सा है। इस योजना के तहत कंपनी ने अपनी सिंगापुर इकाई में कुल दो बिलियन डॉलर (लगभग 18,488 करोड़ रुपये) तक की पूंजी डालने का निर्णय लिया था।
₹21,000 करोड़ के पार पहुंची कुल निवेश सीमा
इस नए निवेश के साथ ही टी स्टील होल्डिंग्स में टाटा स्टील की कुल निवेश सीमा बढ़कर अब 26.21 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। कंपनी के मुताबिक इस भारी राशि का इस्तेमाल अलग-अलग चरणों में टाटा की विदेशी परियोजनाओं को मजबूती देने के लिए किया जाएगा।
क्यों खास है टी स्टील होल्डिंग्स?
सिंगापुर में स्थित टी स्टील होल्डिंग्स विदेशी बाजारों में टाटा स्टील के निवेश पोर्टफोलियो को प्रबंधित करने वाली मुख्य इकाई है। यानी दुनिया भर में टाटा स्टील के विस्तार की कमान काफी हद तक इसी इकाई के पास है।
आरबीआई की विनिमय दर पर हुआ कैलकुलेशन
इस बड़े ट्रांजैक्शन के लिए विनिमय दर की गणना भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 22 जून को जारी 94.49 रुपये प्रति डॉलर की दर से की गई है।
क्या होगा इसका असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश से टाटा स्टील को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने और विदेशी परियोजनाओं की फंडिंग को आसान बनाने में मदद मिलेगी। ग्लोबल मंदी के दौर में टाटा का यह कदम भारतीय कॉर्पोरेट जगत के बढ़ते दबदबे को दिखाता है।

