धनबाद में म्युटेशन का महाजाल! अंचल से LRDC तक जनता बेहाल, फोन तक नहीं उठाते साहब

KK Sagar
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अंचल कार्यालय आवेदन करता है रिजेक्ट, अपील के लिए भेजता है LRDC के पास; महीनों तक चक्कर काट रही जनता, रिश्वत मांगने के भी लग रहे आरोप

धनबाद जिले में जमीन म्युटेशन (दाखिल-खारिज) की प्रक्रिया आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनती जा रही है। लोगों का आरोप है कि म्युटेशन के लिए आवेदन देने के बाद अंचल कार्यालय से उसे रिजेक्ट कर दिया जाता है और आवेदकों को अपील के लिए LRDC कार्यालय भेज दिया जाता है। इसके बाद शुरू होता है अंचल कार्यालय और LRDC कार्यालय के बीच चक्कर लगाने का सिलसिला।

ना फोन उठाते है ना मिलते है LRDC साहब

आवेदकों का कहना है कि वे कई-कई दिनों तक LRDC कार्यालय के चक्कर लगाते हैं, लेकिन न तो अधिकारी आसानी से मिलते हैं और न ही फोन पर संपर्क हो पाता है। लोगों का आरोप है कि LRDC दिलीप महतो को कई बार फोन करने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं होती, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।

अंचल से भेजा जाता हैं LRDC के यहाँ

जानकारी के अनुसार, अंचल कार्यालय में म्यूटेशन के लिए आवेदन के बाद कर्मचारी और CI के पास फॉरवर्डिंग के बाद का CO के पास जाते-जाते किसी कारण वश वह रिजेक्ट हो जाता है और आवेदकों से कहा जाता है कि अब LRDC के यहां अपील करें। वहां से आदेश आने के बाद ही म्युटेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस जटिल प्रक्रिया के कारण आम लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और समय के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

ऑपरेटर द्वारा पैसे कि मांग

इस बीच कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि LRDC कार्यालय में मौजूद एक ऑपरेटर अप्रत्यक्ष रूप से काम कराने के नाम पर पैसे की मांग करता है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

कई बार संपर्क के बाद भी LRDC ने नहीं उठाया फोन

इन आरोपों के संबंध में पक्ष जानने के लिए LRDC दिलीप महतो से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कई बार कॉल करने के बावजूद उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसलिए उनका पक्ष इस समाचार में शामिल नहीं हो सका। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

आम जनता परेशान

फिलहाल, म्युटेशन की जटिल प्रक्रिया और अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाने के कारण धनबाद की आम जनता खुद को परेशान और असहाय महसूस कर रही है। अब लोगों की मांग है कि जिला प्रशासन इस व्यवस्था की समीक्षा कर प्रक्रिया को सरल बनाए और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।

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