डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर :ग्लोबल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने और अपने सप्लाई चेन को री-स्ट्रक्चर करने के लिए टाटा स्टील ने एक बहुत बड़ा सांगठनिक फेरबदल किया है। कंपनी ने अपने आंतरिक कामकाज को रफ्तार देने के लिए कई सीनियर अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। इस रणनीतिक कदम के तहत चार दिग्गज अधिकारियों को टाटा स्टील यूके के सप्लाई चेन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
टाटा स्टील यूके के लिए 4 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति
कंपनी द्वारा जारी आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार यूके भेजे जा रहे चारों अधिकारी वहां एक साल के लिए टाटा स्टील यूके टास्क फोर्स का हिस्सा बनेंगे।
वर्क परमिट तक हाइब्रिड मॉडल: जब तक इन अधिकारियों को यूके का वर्क परमिट नहीं मिल जाता, तब तक ये भारत में अपने वर्तमान कार्यस्थल से ही काम संभालेंगे।
यूके जाने वाले प्रमुख चेहरे
आशीष भालोन्दिया: हेड एसपीएमसी-वेस्ट
आईएल श्री: आईएल श्री
सरोज कुमार महापात्र: सीनियर एरिया मैनेजर, आईटी (प्रोजेक्ट मास्टर प्लानिंग)
तुषित राय: सीनियर एरिया मैनेजर, आईटी
किसे करेंगे रिपोर्ट?: प्रतिनियुक्ति के दौरान यह पूरी टीम सीधे डायरेक्टर, सप्लाई चेन (टाटा स्टील यूके) को रिपोर्ट करेगी।
मेंटोर की भूमिका: चीफ इंटीग्रेटेड प्लानिंग एंड सर्विसेज टीम इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मेंटर की भूमिका निभाएगी, जबकि टीएसयूके के सीईओ इस पूरी समिति की अध्यक्षता करेंगे।
टाटा स्टील कलिंगानगर में भी बड़ा फेरबदल: अरूप कांति डे बने हेड
यूके के साथ-साथ टाटा स्टील ने घरेलू स्तर पर भी अपनी लीडरशिप को मजबूत किया है। कंपनी ने एक अन्य आधिकारिक आदेश जारी कर अरूप कांति डे को टाटा स्टील कलिंगानगर के ‘कोल्ड रोलिंग मिल’ का नया हेड नियुक्त किया है।
अरूप कांति डे के बारे में मुख्य बातें
1 जुलाई 2026 से प्रभावी: अरूप कांति डे की यह नई भूमिका 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो चुकी है। वह कार्यात्मक रूप से चीफ सीआरएम, टीएसके को रिपोर्ट करेंगे।
चयन प्रक्रिया: उनका चयन जयपुर में आयोजित एक इंटरव्यू प्रक्रिया के जरिए किया गया है।
अनुभव और सफर: इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा और फोरमैन सुपरविजन का सर्टिफिकेट रखने वाले अरूप कांति डे ने वर्ष 2000 में टाटा स्टील से अपने करियर की शुरुआत की थी। वर्ष 2026 में उन्हें अस्थायी रूप से CGPL-2 कोल्ड रोलिंग मिल में ट्रांसफर किया गया था, और अब उनके बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें इस पूरी इकाई का हेड बना दिया गया है। टाटा स्टील प्रबंधन ने इस बड़े बदलाव के साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को उनकी नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दी हैं और पूरी ईमानदारी के साथ कंपनी के लक्ष्यों को पूरा करने का आह्वान किया है।

