रविवार को मेदिनीनगर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति नगर भवन लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर हो गया। मेदिनीनगर नगर निगम के सहयोग से पूर्वी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (ईजेडसीसी) द्वारा आयोजित ‘लोक दर्शन’ कार्यक्रम में पलामू और लातेहार के लोक कलाकारों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन मेयर अरुणा शंकर, नगर आयुक्त रंजीत कुमार लाल, गारू के रेंज ऑफिसर उमेश दुबे, ईजेडसीसी के कार्यक्रम अधिशासी जयदीप घोष तथा शिक्षाविद अविनाश देव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मेयर अरुणा शंकर ने कहा कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की यह पहल स्थानीय लोक संस्कृति और ग्रामीण कलाकारों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि दूर-दराज़ के ग्रामीण क्षेत्रों से कलाकारों की भागीदारी इस आयोजन की सफलता को दर्शाती है।
नगर आयुक्त रंजीत कुमार लाल ने कहा कि नगर निगम का नगर भवन शहर की सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे संरक्षित और विकसित किया जाएगा। साथ ही स्थानीय कलाकारों को भी हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
शिक्षाविद अविनाश देव ने कहा कि ग्रामीण कलाकारों को मंच देकर उनकी प्रतिभा को सम्मानित करना इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने संस्कृति मंत्रालय और आयोजकों की इस पहल की सराहना की।
कार्यक्रम में डीएवी की प्राचार्य इंद्राणी चटर्जी, अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष अजय सिंह चेरो, नृत्य निदेशक सुजीत कुमार, फिल्म निर्देशक विश्वजीत मुखर्जी, ललन प्रजापति सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
10 लोक नृत्य दलों ने बांधा समां
लोक दर्शन कार्यक्रम में मिथिलेश उरांव, सेवस्टेनियन तेलरा, रोशन उरांव, मुनि देवी, किशुनदयाल उरांव, घुटारी सिंह, कबूतरी देवी, कुंवर उरांव, राम अवतार उरांव और निर्जला देवी के नेतृत्व वाले लोक नृत्य दलों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से पलामू की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की शानदार झलक पेश की।
कार्यक्रम का संचालन परशुराम तिवारी ने किया, जबकि शिवशंकर प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। आयोजन को सफल बनाने में ईजेडसीसी और मासूम आर्ट ग्रुप के सदस्यों सहित कई लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

