21 जुलाई शहीद दिवस रैली से पहले आसनसोल में बढ़ी सियासी हलचल, विधानसभा चुनाव में हार का ठीकरा नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार और गुटबाजी पर फोड़ा
आसनसोल: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की 21 जुलाई शहीद दिवस रैली से ठीक पहले आसनसोल की राजनीति में बड़ा सियासी विवाद सामने आया है। पार्टी के प्रदेश सचिव शिवदासन दासु ने अपनी ही पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व जनप्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार, गुटबाजी और संगठन को कमजोर करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सोमवार को मीडिया से बातचीत में दासु ने कहा कि वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में आसनसोल की सभी पांच सीटों पर टीएमसी की हार आकस्मिक नहीं थी, बल्कि नगर निगम में वर्ष 2022 से चली आ रही कथित अनियमितताओं और जनविरोधी कार्यशैली का परिणाम थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों की जगह नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार और लूट-खसोट को बढ़ावा मिला, जिससे जनता का पार्टी से विश्वास उठ गया।
प्रदेश सचिव ने आरोप लगाया कि तत्कालीन मेयर, दोनों पूर्व डिप्टी मेयर और कई पूर्व पार्षदों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए विकास योजनाओं में अनियमितताएं कीं। उन्होंने भूमि कारोबार, भवन निर्माण स्वीकृति, पार्किंग, होर्डिंग और लेचीपुर पार्किंग में कथित अवैध वसूली सहित कई मामलों में वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगाए।
शिवदासन दासु ने संगठन के भीतर गुटबाजी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वह 1990 के दशक से ममता बनर्जी के साथ जुड़े हुए हैं और उन्होंने कई बार पार्टी नेतृत्व को लिखित रूप से कथित भ्रष्टाचार की जानकारी दी थी। उनका दावा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा और वर्ष 2006 में उन्हें निलंबित भी किया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी हार के बाद निष्क्रिय हुए कुछ नेता अब 21 जुलाई की रैली के बहाने फिर सक्रिय हो गए हैं।
दासु ने राज्य सरकार से पिछले पांच वर्षों में आसनसोल नगर निगम के सभी विकास कार्यों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की।
हालांकि, शिवदासन दासु द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर समाचार लिखे जाने तक पूर्व मेयर, पूर्व डिप्टी मेयर या संबंधित टीएमसी नेताओं की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

