डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : खेती-किसानी के इस सबसे महत्वपूर्ण सीजन में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसे लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। समाहरणालय सभागार में आयोजित कृषि व संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त राजीव रंजन ने साफ कर दिया है कि बाजार में खाद की कालाबाजारी या फर्जी किल्लत पैदा करने की कोशिशों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी शिकायत मिलते ही तुरंत जांच कर संबंधित विक्रेता का लाइसेंस रद्द करने का कड़ा निर्देश दिया गया है।
एक सप्ताह में शत-प्रतिशत बीज वितरण का आदेश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने दलहन फसलों (अरहर, मूंग और उड़द) के बीजों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कृषि अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों में उपलब्ध बीजों को अगले एक सप्ताह के भीतर पात्र किसानों तक 100 प्रतिशत वितरित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि रोपनी और बुआई का यही सही समय है, इसलिए किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
20 अगस्त तक 90% धान रोपनी का लक्ष्य
कृषि विभाग ने बैठक में जानकारी दी कि जिले में अब तक लगभग 28 फीसदी धान की रोपनी पूरी कर ली गई है। अगर मौसम का मिजाज अनुकूल रहा तो 20 अगस्त तक 90 प्रतिशत से अधिक रोपनी का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। उपायुक्त ने रोपनी कार्य की लगातार मॉनिटरिंग करने के आदेश दिए हैं।
KCC आवेदनों में सुस्ती पर जताई चिंता, चलेगा विशेष अभियान
किसान क्रेडिट कार्ड के कम आवेदनों पर चिंता जताते हुए उपायुक्त ने कहा कि खाद और बीज के साथ-साथ किसानों को समय पर वित्तीय सहायता मिलना बेहद जरूरी है।
विशेष अभियान: जिन प्रखंडों और पंचायतों से KCC के कम आवेदन आए हैं, वहां कृषक मित्रों के सहयोग से जागरूकता और आवेदन बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
मानदेय भुगतान: उपायुक्त ने कृषक मित्रों के लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान करने का भी निर्देश दिया।
पशुधन, मत्स्य और JSLPS दीदियों के लिए बड़े फैसले
पशुधन योजना व बीमा: मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना में तेजी लाते हुए बैंकों को निर्देश दिया गया कि वे KCC और पशुधन से जुड़े आवेदनों का तुरंत सत्यापन कर स्वीकृति दें। किसानों को पशु आहार, टीकाकरण और मृत्यु की स्थिति में बीमा क्लेम की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मत्स्य पालन: बचे हुए 40 तालाबों की बंदोबस्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने और मत्स्य बीज वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
JSLPS स्वयं सहायता समूह: JSLPS की दीदियों को लेयर (मुर्गी पालन) और बैकयार्ड फार्मिंग से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
उपायुक्त का संदेश: खेती के इस नाजुक वक्त में किसानों को बीज, खाद और KCC का लाभ एक साथ मिलना चाहिए। यदि इसमें देरी हुई तो पूरी कृषि व्यवस्था प्रभावित होगी।

