रामगढ़: रामगढ़ जिले में अवैध कोयला खनन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर अवैध खनन से जुड़े हादसे में एक की मौत हो गई है जबकि पांच लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई है। घायलों का इलाज रांची के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा है। हालांकि अवैध खनन की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन घटना को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों का कहना है कि सभी घायल वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चपेट में आए हैं और घटना का अवैध खनन से कोई संबंध नहीं है। वहीं, क्षेत्र के ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसा अवैध कोयला खनन के दौरान ब्लास्टिंग से हुई है और पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि घटना के बाद सीसीएल प्रबंधन ने डोजरिंग कर मुहाने को भर दिया है।
यह पहला मामला नहीं है। करीब एक माह पहले भी रामगढ़ के मांडू क्षेत्र स्थित केदला 6 नंबर खदान में अवैध खनन के दौरान हुए ब्लास्ट में एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग झुलस गए थे। उस घटना में भी ग्रामीणों ने अवैध खनन को जिम्मेदार ठहराते हुए कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठे थे।
इधर रामगढ़ के मांडू एवं केदला क्षेत्र में अवैध खनन में बी. महतो, एम एल महतो एवं बी पहाड़ी जैसे नाम की संलिप्तता सामने आ रहे है।
प्रशासन और खनन विभाग की भूमिका पर सवाल
ताजा घटना के बाद फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या जिला प्रशासन, खनन विभाग और स्थानीय पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक कारणों का खुलासा करेंगे, या फिर पहले की तरह किसी अन्य कारण का हवाला देकर मामले को दबा दिया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला खनन खुलेआम जारी है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन के इस नेटवर्क में कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका है। उनका कहना है कि अवैध खनन के कारण लगातार लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियां कठोर कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
लगातार हो रहे हादसों ने रामगढ़ में अवैध कोयला खनन पर प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

