कोलकाता अग्निकांड से खुला राज: ‘शिखा इन’ हादसे के पीछे बेनकाब हुआ करोड़ों का हवाला कारोबार

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित होटल ‘शिखा इन’ में भड़की भीषण आग ने सिर्फ नौ लोगों की जान ही नहीं ली, बल्कि कोलकाता के मशहूर न्यू मार्केट इलाके की संकरी गलियों में फल-फूल रहे एक समानांतर काले साम्राज्य की पोल भी खोल दी है। हादसे का शिकार हुए नौ लोगों में सात बांग्लादेशी नागरिक थे। इस दुखद घटना के बाद अब यह बात शीशे की तरह साफ हो रही है कि कैसे इस इलाके को अवैध विदेशी मुद्रा विनिमय और हवाला का गढ़ बना दिया गया है।

बिना बिल-रसीद का खेल: संकरी गलियों के ‘काले काउंटर’

​न्यू मार्केट और मिर्जा गालिब स्ट्रीट लंबे समय से बांग्लादेशी पर्यटकों का पसंदीदा ठिकाना रहा है, लेकिन इसी की आड़ में यहां बैंकिंग सिस्टम को धता बताकर एक बड़ा वित्तीय अपराध चल रहा है।

अवैध मनी एक्सचेंज: इलाके की तंग गलियों में छोटे-छोटे गुमनाम काउंटर चल रहे हैं, जहां रोजाना लाखों बांग्लादेशी टका और भारतीय रुपये का अवैध लेन-देन होता है।

सरकारी निगरानी को चकमा: इन काउंटरों पर होने वाले किसी भी लेन-देन का न तो कोई रिकॉर्ड रखा जाता है और न ही कोई बिल या रसीद दी जाती है। पूरा कारोबार टैक्स और सरकारी एजेंसियों की नजरों से छिपाकर चलाया जाता है।

लोकल करेंसी से हवाला के नेटवर्क तक

​स्थानीय स्तर पर साधारण करेंसी एक्सचेंज से शुरू होने वाला यह खेल यहीं खत्म नहीं होता। सूत्रों का दावा है कि इन काउंटरों से जमा होने वाला अनधिकृत पैसा घुमावदार रास्तों से सीधे ‘हवाला नेटवर्क’ में झोंक दिया जाता है। यानी पर्यटकों की सुविधा के नाम पर शुरू हुआ यह काम अब एक संगठित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अपराध का रूप ले चुका है।

जांच एजेंसियों के सामने खड़े तीखे सवाल

​होटल हादसे ने केंद्रीय और राज्य जांच एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन इस घटना ने कई बुनियादी सवाल खड़े कर दिए हैं।

  1. इन अवैध काउंटरों के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन हैं?
  2. ​बिना किसी वैध लाइसेंस के इन संकरी गलियों में विदेशी मुद्रा का करोड़ों का कारोबार किसके शह पर चल रहा था?
  3. ​हवाला के जरिए यह पैसा किन-किन संदिग्ध हाथों और ठिकानों तक पहुंचाया जा रहा है?

​’शिखा इन’ की आग तो बुझ चुकी है, लेकिन इसने न्यू मार्केट के उस ‘अंधेरे कारोबार’ को जगजाहिर कर दिया है, जिस पर कानून का शिकंजा कसना अब बेहद जरूरी हो गया है।

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