डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: ईद मिलादुन्न नबी के मौके पर निकलने वाले पारंपरिक जुलूस को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए जमशेदपुर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विधि व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई।
7 जोनों में बंटेगा जुलूस का रूट, भारी पुलिस बल की तैनाती
प्रशासन ने जुलूस के पूरे मार्ग को 7 सुरक्षा जोनों में विभाजित किया है। हर जोन में मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारियों और जवानों की टीम तैनात रहेगी। गांधी मैदान से सुबह 9 बजे निकलने वाले जुलूस के मद्देनजर प्रशासन ने समय सीमा का सख्त पालन करने का निर्देश दिया है। अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को संयुक्त रूप से रूट का भौतिक सत्यापन करने, संवेदनशील मोड़ पर बैरिकेडिंग और ड्रॉप गेट लगाने का काम पूरा करने को कहा गया है।
सीसीटीवी, ड्रोन और सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी
सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए पूरे जुलूस मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह, भ्रामक पोस्ट या आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों से निपटने के लिए साइबर सेल को एक्टिव मोड में रखा गया है। तेज रफ्तार बाइक चलाने वाले असामाजिक तत्वों और बाइकर्स गैंग्स पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की मुख्य हिदायतें और व्यवस्थाएं
डीजे और गानों पर पाबंदी: जुलूस के दौरान भड़काऊ या अश्लील गाने बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कृत्यों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वॉलंटियर्स की ब्रीफिंग: आयोजन कमिटी से जुड़े वॉलंटियर्स को पूर्व में ही रूट, समय सीमा और प्रशासनिक गाइडलाइंस की जानकारी देने का निर्देश दिया गया है।
नागरिक सुविधाएं: आमबागान, गांधी मैदान और धतकीडीह जैसे प्रमुख स्थानों पर पेयजल, साफ-सफाई, एम्बुलेंस, मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तैनात रहेंगी।
सौहार्द बनाए रखने की अपील
उपायुक्त राजीव रंजन ने जमशेदपुर की गंगा-जमुनी तहजीब का हवाला देते हुए शहरवासियों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने और केवल प्रशासनिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने का आग्रह किया है।

