सारण में बाढ़ से हाहाकार, गर्दन तक पानी: 2 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में

Reena Sharma
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गर्दन तक पानी में उतरी महिला, घर से जरूरी सामान लाने की मजबूरी

सारण जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। रिविलगंज प्रखंड के दिलिया रहीमपुर पंचायत में बाढ़ का ऐसा खौफनाक मंजर सामने आया है, जहां सड़क और घरों के बीच का फर्क मिट गया है। जिस रास्ते से कुछ दिन पहले तक लोग पैदल और वाहनों से गुजरते थे, आज उसी सड़क पर गर्दन तक पानी जमा है। दिलिया रहीमपुर का एक वीडियो बाढ़ की भयावह स्थिति को सामने ला रहा है। वीडियो में एक महिला गर्दन तक पानी में डूबी हुई अपने घर की ओर जाती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि महिला का घर भी बाढ़ के पानी में डूब चुका है और वहां कुछ जरूरी सामान छूट गया है। इसी सामान को लेने के लिए उसे जान जोखिम में डालकर गहरे पानी में उतरना पड़ा।

ऊंची सड़क भी डूबी, घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी

यह इलाका साधू लाल पृथ्वीचंद स्कूल के सामने का है। सड़क की एक तरफ छपरा नगर निगम क्षेत्र में आने वाला स्कूल है, जबकि दूसरी तरफ दिलिया रहीमपुर पंचायत का धियारा इलाका है। बाढ़ का पानी अब सड़क से लेकर घरों तक फैल चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सड़क आसपास की जमीन से पहले ही ऊंचाई पर बनी हुई है। इसके बावजूद बाढ़ का पानी सड़क को पूरी तरह डुबो चुका है। कई ऐसे घर भी पानी की चपेट में आ गए हैं, जिन्हें लोगों ने आसपास की जमीन से ऊंचाई पर बनाया था। सड़क से लेकर घरों तक हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है और जरूरी काम के लिए भी ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।

तटबंध टूटते ही रिहाइशी इलाकों में घुसा सैलाब

जिला प्रशासन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सारण के 7 प्रखंडों की 33 पंचायतों के 93 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। जिले में 2,05,849 से अधिक लोग बाढ़ से सीधे प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में घरों में पानी घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ी है, वहीं खेती और रोजमर्रा की आजीविका पर भी इसका असर पड़ा है। दिघवारा प्रखंड में शनिवार, 5 सितंबर की सुबह करीब 5:30 बजे माही नदी के दायें तटबंध का करीब 12 मीटर हिस्सा पानी के अत्यधिक दबाव के कारण टूट गया। तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से रिहाइशी इलाकों की ओर फैलने लगा, जिससे दिघवारा क्षेत्र की तीन पंचायतें प्रभावित हुईं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और तटबंध की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया।

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119 नावों और 6 बोट एंबुलेंस से राहत-बचाव तेज

प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है। अकिलपुर पंचायत में नावों का परिचालन किया जा रहा है। मौके पर SDRF और NDRF की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में लगी हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक सोनपुर प्रखंड सबसे अधिक प्रभावित है। यहां 16 पंचायतों के 65 गांवों में करीब 1.30 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। सदर छपरा प्रखंड में 9 गांवों की 54,328 आबादी, दिघवारा में 11 गांवों की 17,442 आबादी, गड़खा में 4 गांवों की 1,179 आबादी, रिविलगंज नगर पंचायत में करीब 2,000, दरियापुर में 3 गांवों की 600 और मकेर के बाघाकोल पंचायत में एक गांव की करीब 300 आबादी प्रभावित है। बाढ़ प्रभावित लोगों की आवाजाही और रेस्क्यू के लिए 119 साधारण नावों के साथ 6 बोट एंबुलेंस तैनात की गयी हैं। बोट एंबुलेंस और मोबाइल मेडिकल टीमों की मदद से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक सुरक्षित प्रसव भी कराया गया है।

मेडिकल टीमों से लेकर सामुदायिक रसोई तक राहत अभियान

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 19 मेडिकल टीमें तैनात हैं। अब तक 377 मवेशियों को सुरक्षित पशु आश्रय स्थलों तक पहुंचाया गया है। सोनपुर में सामुदायिक रसोई शुरू की गयी है, जहां 1,056 से अधिक लोगों को भोजन कराया जा चुका है। प्रभावित परिवारों के बीच पॉलिथीन शीट, सूखा राशन और अन्य जरूरी राहत सामग्री भी वितरित की जा रही है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय किया है और लोगों से घबराने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। दिलिया रहीमपुर की गर्दन तक पानी में डूबी महिला की तस्वीर सिर्फ एक जलमग्न सड़क की कहानी नहीं है, बल्कि उन परिवारों की मजबूरी दिखाती है, जिनके घर बाढ़ में डूब चुके हैं और जरूरी सामान अब भी उन्हीं घरों में छूटा हुआ है।

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