डिजिटल डेस्क/मिरर मीडिया: निर्माण और बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के क्षेत्र में टाटा स्टील ने एक ऐसा क्रांतिकारी कदम उठाया है, जो भविष्य की इमारतों की सुरक्षा और मजबूती की परिभाषा पूरी तरह बदल कर रख देगा। कंपनी ने एक खास ‘हॉट-रोल्ड, फायर-रेसिस्टेंट (अग्नि-रोधी) E350 स्ट्रक्चर्ड स्टील’ विकसित किया है, जो भीषण आग और उच्च तापमान के बीच भी चट्टान की तरह डटा रहेगा।
600 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी 3 घंटे तक अटूट
विशेषज्ञों के अनुसार यह आधुनिक स्टील सामान्य तापमान पर मिलने वाली अपनी क्षमता का दो-तिहाई हिस्सा 600 डिग्री सेल्सियस के अत्यधिक तापमान पर भी लगातार 3 घंटे तक बरकरार रख सकता है। आगजनी या किसी भी भीषण आपात स्थिति में यह तकनीक यह सुनिश्चित करेगी कि इमारत का ढांचा तुरंत जमींदोज न हो। इससे हादसों के दौरान अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने के लिए कीमती समय मिल सकेगा।
क्यों खास है टाटा का यह नया ‘E350’ स्टील?
माइक्रो-अजॉय तकनीक: इसे खास मिश्र धातु, डिजाइन और माइक्रोडस्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग के बेहतर समन्वय से तैयार किया गया है। इसमें इस्तेमाल सूक्ष्म अलाइंग तत्व उच्च तापमान पर भी धातु के कणों को कमजोर नहीं होने देते।
बीआईएस की मुहर: भारतीय मानक ब्यूरो ने इस उन्नत स्टील उत्पाद को ‘आईएस 15103’ के तहत औपचारिक रूप से प्रमाणित कर दिया है।
आधुनिक निर्माण की जरूरतें: टाटा स्टील के अधिकारियों का मानना है कि यह उत्पाद आधुनिक निर्माण की आवश्यकताओं के साथ-साथ देश में फायर सेफ्टी के नए और कड़े मानक स्थापित करेगा।
कहां होगा इसका मुख्य इस्तेमाल?
टाटा का यह नया ‘E350’ स्ट्रक्चर्ड स्टील प्री-इंजीनियरिंग बिल्डिंग्स के मुख्य फ्रेम, हॉलो सेक्शन और ट्यूब्स, बड़े पिलर और ब्रिज जैसे जटिल इन्फ्रास्ट्रक्चरल निर्माणों में वरदान साबित होगा। इसके अलावा, मॉल्स, अस्पताल, एयरपोर्ट, मल्टी-स्टोरी कमर्शियल इमारतों और सार्वजनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर में जहां ‘फायर सेफ्टी’ सर्वोपरि होती है, वहां यह उत्पाद सुरक्षा को एक नई दिशा देगा।

