डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: झारखंड और पड़ोसी राज्य ओडिशा में पुलिस की नाक में दम करने वाले अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह को पुलिस ने एक बड़ी चोट दी है। गालूडीह पुलिस ने करीब एक साल से फरार चल रहे शातिर मास्टरमाइंड बिरसन मुंडा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी की कई मोटरसाइकिलें और अन्य सामान बरामद किए हैं।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल के मुताबिक, पुलिस की एक विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र स्थित मुटुडा गांव में छापेमारी की। पुलिस ने आरोपी बिरसन मुंडा को उसके पैतृक घर से ही दबोच लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी साल भर से अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था, लेकिन इस बार पुलिस की घेराबंदी से वह बच नहीं सका।
घर के आंगन से मिले चोरी के सबूत
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो बिरसन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर के आंगन से तीन दोपहिया वाहन बरामद किए। TVS अपाचे: मयूरभंज (ओडिशा) के तिरिंग थाना क्षेत्र से चोरी, हीरो स्प्लेंडर गालूडीह (झारखंड) से चोरी, होंडा डियो स्कूटी बहलदा (ओडिशा) से चोरी। वाहन के अलावा पुलिस ने उसके पास से एक लावा कीपैड मोबाइल, एक नंबर प्लेट और सिम कार्ड भी जब्त किया है।
नेटवर्क का खुलासा: कई जिलों में दर्ज हैं मामले
एसपी ने बताया कि बिरसन मुंडा कोई मामूली अपराधी नहीं बल्कि एक आदतन अपराधी है, जिसका नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर फैला है। उसके खिलाफ जमशेदपुर के कोतवाली, सरायकेला के खरसवां और ईचागढ़ थानों में चोरी और बीएनएस की धाराओं के तहत कई मामले दर्ज हैं। इसके अलावा ओडिशा के बानगिरी पोड़ी थाने से भी उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लंबित था।
2025 की चोरी से जुड़ा है मामला
यह पूरी कार्रवाई दिसंबर 2025 में गालूडीह क्षेत्र से हुई ‘विंगर वैन’ की चोरी के खुलासे से जुड़ी है। इस मामले में पुलिस ने पहले ही दो आरोपियों को जेल भेज दिया था, लेकिन मास्टरमाइंड बिरसन मुंडा लगातार फरार चल रहा था। इस छापेमारी दल का नेतृत्व गालूडीह थाना प्रभारी अंकु कुमार ने किया। टीम में अजय बागे, बिरसा तिर्की और कई अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे, जिनकी सक्रियता से इस शातिर अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया।

