डिजिटल डेस्क।मिरर मीडिया: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही कोलकाता पुलिस ने शहर को सुरक्षित करने के लिए अपनी कमर कस ली है। चुनाव के दौरान किसी भी तरह की हिंसा या गड़बड़ी को रोकने के लिए लालबाजार स्थित पुलिस मुख्यालय के जासूसी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। रातभर चले इस ‘सर्च ऑपरेशन’ में पुलिस ने शहर के 11 सबसे खतरनाक अपराधियों को दबोच लिया है।
चुनावी हिंसा का रहा है पुराना इतिहास
पकड़े गए इन बदमाशों का रिकॉर्ड काफी दागदार रहा है। पुलिस के मुताबिक ये सभी अपराधी पिछली चुनावी प्रक्रियाओं के दौरान हिंसा फैलाने, बूथ कैप्चरिंग की कोशिश और डराने-धामकाने के मामलों में आरोपी रहे हैं। इनमें से कई के खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट भी जारी थे, लेकिन ये लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे थे।
इन ‘नामचीन’ चेहरों पर पड़ा पुलिस का शिकंजा
गिरफ्तार किए गए अपराधियों की सूची में उत्तर कोलकाता के कई ऐसे नाम शामिल हैं जिनसे इलाके के लोग खौफ खाते थे। पुलिस ने इनके विचित्र उपनामों की भी लिस्ट साझा की है।
कार्तिक सोनकर उर्फ ‘खरगोश’
जयदेव मालाकार उर्फ ‘मैंडेला’
मिंटू घोड़ुई उर्फ ‘बोल्टू’
उत्तम साउ उर्फ ‘उच्छे’
अमित सिंह उर्फ ‘चैप्टा’
इस्तियाक अहमद उर्फ ‘मिस्टर’
शेख मुनव्वर उर्फ ‘मन्नू’
शाहादत हुसैन उर्फ ‘शाका’
अर्पण चक्रवर्ती, मोहम्मद सिराज और कृष्ण खरोवार।
नाका चेकिंग में लाखों का कैश बरामद
पुलिस केवल अपराधियों की धरपकड़ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि चुनाव में मनी पावर के इस्तेमाल को रोकने के लिए भी सख्त है। शहर के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में की गई नाका चेकिंग के दौरान पुलिस ने कुल 6 लाख 33 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए हैं। इन रुपयों के स्रोत को लेकर पुलिस जांच कर रही है।

