उत्तर भारत में गर्मी से हाहाकार, आसमान से बरस रही आग, पारा 45 डिग्री के पार

Neelam
By Neelam
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देश में इस समय भयानक गर्मी पड़ रही है। उत्तर भारत में लू का तीव्र दौर शुरू हो गया है। एक हफ्ते तक प्रचंड गर्मी पड़ने की चेतावनी है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक भयंकर लू चलने की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है। इस पारा 45 डिग्री के भी पार जा सकता है।

यूपी के बांदा में तापमान 47.6 डिग्री पहुंच

दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। कुछ शहरों में तापमान 46 डिग्री तक पहुंच गया है। यूपी के बांदा में कल तापमान 47.6 डिग्री तक पहुंच गया। एमपी के खजुराहो में 46.5 और महाराष्ट्र के वर्धा में तापमान 46.5 और अमरावती में 46.4 डिग्री पहुंच गया है। इसके अलावा राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में तापमान 46.2 डिग्री पहुंच गया।

हीटवेव की चेतावनी जारी

मौसम विभाग ने कई राज्यों मे लू का अलर्ट जारी किया है।  लू से प्रभावित होने वाले प्रमुख राज्य दिल्ली और हरियाणा, पंजाब और राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश का कुछ हिस्सा शामिल है। यूपी के पश्चिमी हिस्सों में भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेहद गर्म रात की चेतावनी जारी की गई है और इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश और विदर्भ में भीषण लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

तीन दिन में 3 डिग्री बढ़ेगा तापमान

मौसम विज्ञान विभाग ने लू की विशेष चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि सोमवार से 24 मई तक उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है। राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने आयुष मंत्रालय के समन्वय से गर्मी के मौसम के लिए सलाह जारी की है। इसमें बढ़ते तापमान के बीच लोगों से ठंडे पेय पदार्थों के सेवन, सांस लेने की तकनीकों और योग अभ्यासों का सुझाव दिया गया है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय सीधी धूप से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने और मौसमी फल और इलेक्ट्रोलाइट युक्त तरल पदार्थों का सेवन करने पर जोर दिया गया है। शिशु, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, बाहरी कामगार और हृदय रोग और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से पीड़ित लोग लू की स्थिति में संवेदनशील होते हैं उनकी विशेष निगरानी की जानी चाहिए।

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