आसनसोल। पश्चिम बंगाल के शिल्पांचल समेत आसपास के इलाकों में बुधवार देर शाम आए भीषण कालबैसाखी तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने कई जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ों को जड़ से उखाड़ दिया, जिससे सड़कों पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। कई मार्ग घंटों जाम रहे और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
तूफान के गुजरने के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। कड़ी मशक्कत के बाद सड़कों से गिरे पेड़ों को हटाकर यातायात बहाल किया गया। राहत और बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।
इस दौरान सबसे ज्यादा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा। कई इलाकों में बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे शहर का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब गया। भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। देर रात तक मरम्मत कार्य के बाद धीरे-धीरे बिजली आपूर्ति सामान्य होने लगी।
वहीं, मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी से बड़ी राहत दी। दोपहर बाद शुरू हुई बारिश और तेज हवाओं ने तापमान को गिरा दिया। पिछले कई दिनों से 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहे पारे में अब 2 से 4 डिग्री की गिरावट की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के चलते यह प्री-मानसून गतिविधि अभी जारी रह सकती है। 30 अप्रैल को भी गरज के साथ बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है।
कुल मिलाकर, कालबैसाखी तूफान ने जहां एक ओर जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया, वहीं दूसरी ओर बारिश ने भीषण गर्मी से राहत पहुंचाकर लोगों को थोड़ी राहत भी दी।

