बंद क्रशरों की जांच से लेकर अवैध बालू ढुलाई पर कड़ी नजर, टीमवर्क से कार्रवाई तेज करने पर जोर
जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में जिला खनन टास्क फोर्स की परिचात्मक एवं समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित खनन कार्यों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने जिला खनन पदाधिकारी सुनील कुमार से जिले में संचालित खनन पट्टों की जानकारी ली और स्पष्ट कहा कि जिन खनन पट्टों व क्रशरों का सीटीओ (Consent to Operate) समाप्त हो चुका है, वे वास्तव में बंद हैं या नहीं, इसकी नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि केवल कागजों पर बंद दिखाना पर्याप्त नहीं है, जमीनी स्तर पर भी संचालन बंद होना चाहिए।
इसके अलावा उपायुक्त ने जीएम लैंड पर संचालित खनन कार्यों और ईंट भट्ठों की अलग से सूची तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अवैध बालू परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिन क्षेत्रों में ट्रेंच कटिंग की गई है, उसकी प्रभावशीलता, की गई कार्रवाई और परिणामों पर विस्तृत रिपोर्ट देने को भी कहा गया।
उपायुक्त ने जोर देते हुए कहा कि जिले में खनन कार्य पूरी तरह लीगल पैरामीटर्स और सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही संचालित हों। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ टीम की तरह काम करना होगा।
बैठक के दौरान जिला खनन पदाधिकारी ने सभी थाना प्रभारी एवं अंचल अधिकारियों को खनन से जुड़े नए नियमों और संशोधनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लघु खनिज नियमावली में संशोधन के तहत अब अवैध परिवहन में जब्त वाहनों से कंपाउंडिंग फीस वसूली का प्रावधान किया गया है।
नए नियमों के तहत जुर्माना दरें इस प्रकार हैं:
ट्रैक्टर: ₹50,000
मेटाडोर (407/408): ₹1,00,000
फुल बॉडी ट्रक (6 चक्का तक): ₹2,00,000
डंपर (6/10 से अधिक चक्का): ₹3,00,000
क्रेन, नाव, एक्सवेटर, लोडर, ड्रिल मशीन आदि: ₹5,00,000
इसके अतिरिक्त, वाहनों पर लदे खनिज के मूल्य का 10 गुना तक जुर्माना भी वसूला जाएगा।
बैठक में पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी, सदर एसडीएम सुलोचना मीणा सहित खनन टास्क फोर्स के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन अब अवैध खनन और परिवहन पर पूरी तरह सख्त नजर बनाए हुए है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

