राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभुकों को मिलेगा फायदा, 6 मई तक आवेदन की अंतिम तिथि
जमुई समाहरणालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अब राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आने वाले लाभुकों को जन वितरण प्रणाली (राशन दुकानों) के माध्यम से किफायती कुकिंग कोयला उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल बिहार स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा ऊर्जा संकट को ध्यान में रखते हुए की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत मिल सके।
इस योजना के सफल संचालन के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बिहार माइनिंग कॉर्पोरेशन को ‘कैनालाइजिंग एजेंट’ नियुक्त किया है। इसके तहत जिला स्तर पर थोक विक्रेताओं के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक उद्यमी निगम की आधिकारिक वेबसाइट या कोल जंक्शन पोर्टल से आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
प्रत्येक चयनित थोक विक्रेता को सालाना अधिकतम 10,000 मीट्रिक टन कोयला आवंटित किया जाएगा। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए वैध पैन, जीएसटी, वित्तीय वर्ष 2024-25 का आयकर रिटर्न और न्यूनतम 20 लाख रुपये का टर्नओवर अनिवार्य रखा गया है। साथ ही बैंक खाते से संबंधित प्रमाणपत्र भी देना होगा।
जिला प्रशासन के अनुसार, पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ 6 मई 2026 को अपराह्न 3:00 बजे तक बिहार स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड, पटना कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है।
दस्तावेजों की जांच के बाद चयनित अभ्यर्थियों को 2 लाख रुपये की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी और निगम के साथ एकरारनामा किया जाएगा। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवेदन जमा करने मात्र से कोयले का आवंटन सुनिश्चित नहीं होगा, बल्कि अंतिम निर्णय विभागीय जांच और सक्षम प्राधिकारी के मूल्यांकन के बाद ही लिया जाएगा।
इस योजना से जहां एक ओर आम लोगों को सस्ता कुकिंग कोयला मिलेगा, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।

