‘अफगानों का नरसंहार आतंक पर कार्रवाई नहीं’ UNSC में भारत ने पाकिस्तान को लगाई फटकार

Reena Sharma
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को फटकारा है। अफगानिस्तान की स्थिति पर आयोजित बैठक के दौरान भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के सैन्य हमलों की निंदा करते हुए इसे नरसंहार करार दिया है।

भारत ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में घेरा

अफगानिस्तान की स्थिति पर हुई UNSC की बैठक में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरिश पार्वथानेनी ने बिना किसी नरमी के पाकिस्तान पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने रमजान के पवित्र महीने में नागरिकों की हत्या की है और उसके व्यवहार को “पाखंड (हिपोक्रेसी) का सबसे अच्छा उदाहरण” बताया। राजदूत पार्वथानेनी ने कहा, “एक नरसंहार को सैन्य कार्रवाई का नाम देने से अपराधी निर्दोष नहीं हो जाता।” उन्होंने आगे कहा कि “नागरिकों को मारना, घायल करना और अनाथ बनाना आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई नहीं है।”

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भारत ने आंकड़ों का हवाला देकर पाक को लताड़ा

यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने बताया कि भारत ने हर मोर्चे पर अफगानिस्तान की मदद की है, जबकि पाकिस्तान ने हालिया महीनों में बार-बार हवाई हमले करते हुए अफगानी लोगों के लिए मुसीबत खड़ी की है। भारतीय प्रतिनिधि ने UNAMA (अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सिर्फ 2026 के शुरुआती तीन महीनों में 372 आम नागरिक मारे गए और 397 घायल हुए। इनमें से बड़ी संख्या में लोग रमजान के पवित्र महीने के दौरान हताहत हुए।

अफगान क्षेत्र को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप

पी हरीश ने पाकिस्तान पर अफगान क्षेत्र को जानबूझकर निशाना बनाने और साथ ही अफगानिस्तान के लिए व्यापार और पारगमन मार्गों में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने इस नीति को व्यापार और पारगमन आतंकवाद करार दिया और दुनिया से इस पर ध्यान देने की अपील की।

गलत नैरेटिव फैलाने का आरोप

पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ‘फिटना अल हिंदुस्तान’ शब्द को सरकारी स्तर पर फैलाया जा रहा दुष्प्रचार और गलत सूचना अभियान करार दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि अपने ही देश के भीतर सक्रिय समूहों को ‘फिटना अल हिंदुस्तान’ बताना तथ्यों से परे एक ऐसा नैरेटिव है, जिसे धार्मिक शब्दावली का सहारा देकर पेश किया जा रहा है। भारत ने कहा कि इस तरह की शब्दावली पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान से संचालित उस सोच का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अपने नागरिकों का ध्यान देश की वास्तविक राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों से हटाना है।

भारत की अफगानिस्तान को मदद

भारत ने यह भी बताया कि दिल्ली ने अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर मानवीय और विकास संबंधी मदद की है। पी हरीश ने कहा कि भारत की अफगानिस्तान को मदद सभी 34 प्रांतों में फैली हुई है। भारत की मदद के अफगानिस्तान में 500 से ज्यादा प्रोजेक्ट हैं। साल 2021 से भारत ने 50,000 टन गेहूं, 420 टन दवाएं और टीके और 40,000 लीटर कीटनाशक अफगानिस्तान भेजे हैं। इस साल अप्रैल में ही भारत ने बाढ़ राहत का जरूरी सामान और टीके काबुल भेजे, जिनमें BCG और टेटनस-डिप्थीरिया की खुराकें शामिल थीं।

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