जमुई : झारखंड के गिरिडीह से आई एक दर्दनाक घटना ने सड़क किनारे बिकने वाले फास्ट फूड की सच्चाई उजागर कर दी है। शनिवार को सदर प्रखंड के बजटो-कुम्हरगढ़िया समेत कई गांवों के बच्चों और बड़ों ने एक गोलगप्पा विक्रेता से चाट खाई — लेकिन कुछ ही घंटों में खुशी मातम में बदल गई। 49 लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जबकि एक मासूम बच्चे की मौत हो गई।
घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया, एफआईआर दर्ज हुई और आरोपी विक्रेता को जेल भेज दिया गया, लेकिन बड़ा सवाल अब भी जस का तस है — क्या सिर्फ हादसे के बाद कार्रवाई ही समाधान है?
⚠️ खुलेआम बिक रहा ‘जहर’, विभाग कहां सोया था?
सड़क किनारे ठेले-खोमचों पर बिकने वाले गोलगप्पे, चाट और अन्य फास्ट फूड में न तो सफाई का ध्यान रखा जा रहा है, न ही गुणवत्ता की जांच।
गंदगी और नालियों के पास स्टॉल
दूषित पानी का इस्तेमाल
मिलावटी मसाले और रंग
बिना ढंके खाद्य पदार्थ
ऐसे हालात में सवाल उठना लाजमी है कि खाद्य सुरक्षा विभाग आखिर अब तक क्या कर रहा था?
अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो जागरूकता अभियान क्यों नहीं चलाया गया?
📍 जमुई में भी हालात चिंताजनक
अगर जमुई जिले की बात करें तो यहां भी सैकड़ों जगहों पर खुलेआम गोलगप्पे और फास्ट फूड बेचे जा रहे हैं, जहां नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं।
यहां भी वही हाल — सफाई की अनदेखी, घटिया सामग्री और स्वास्थ्य से खिलवाड़।
अब जरूरत है:
✔️ नियमित जांच अभियान
✔️ सख्त निर्देश और निगरानी
✔️ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई
ताकि गिरिडीह जैसी घटना दोबारा न हो।
🧼 गोलगप्पा विक्रेताओं के लिए जरूरी नियम
अगर आप भी गोलगप्पा बेचते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
🧤 दस्ताने पहनकर या चम्मच से सर्व करें
💧 साफ, उबला या RO पानी ही इस्तेमाल करें
🥔 ताजी सामग्री और शुद्ध मसालों का उपयोग करें
🧢 हेड कवर और साफ कपड़े पहनें
🧽 बर्तन रोज गर्म पानी से साफ करें
🚫 नाली या गंदगी के पास स्टॉल न लगाएं
♻️ बासी पानी या सामग्री का दोबारा उपयोग न करें
🔍 अब देखना ये है…
क्या इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग सच में जागेगा?
या फिर हर बार की तरह मामला कुछ दिनों में ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
क्योंकि अगली बार शिकार कोई और भी हो सकता है…

