भोजपुर में पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए भरत भूषण तिवारी की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। इस एनकाउंटर को लेकर अब क्षेत्र में बवाल देखने को मिल रहा है। कथित तौर पर फर्जी एनकाउंटर में मौत के बाद गांव में आक्रोश फूट पड़ा है। परिवार का दावा है कि सरेंडर के बाद उसे गोली मार दी गई।
शव के गांव पहुंचते ही फूटा लोगों का गुस्सा
पूरा मामला भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव से जुड़ा हुआ है जहां के रहने वाले युवक भरत तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार की सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच युवक का शव गांव लाया गया। शव पहुंचते ही गांव वालों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने शव को आरा-बक्सर फोरलेन पर रखकर यातायात बाधित कर दिया।
पुलिस ने पहले बताया मानसिक विक्षिप्त फिर मारी गोली
इस पूरे मामले में चौंकाने वाला तथ्य यह है कि महज एक दिन पहले ही स्थानीय पुलिस ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उस युवक को मानसिक रूप से विक्षिप्त घोषित किया था। बताया जा रहा है कि एक तरफ पुलिस को बंधक बनाए जाने और पुलिस कर्मियों को धमकाने के मामले को लेकर भोजपुर पुलिस की तरफ से भरत तिवारी को मानसिक रूप से विक्षिप्त करार दिया गया था।
पुलिस के सामने हथियार लहराता दिखा था
दरअसल, हाल ही में उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह पुलिस के सामने हथियार लहराता नजर आ रहा था। मौके पर मौजूद ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस के समझाने के बाद युवक ने अपना हथियार फेंक दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उसके दोनों पैरों में गोली मार दी।
एनकाउंटर को लेकर पुलिस पर सवाल
आनन फानन में भरत तिवारी को इलाज के लिए सदर अस्पताल आरा में लाया गया। लेकिन उसकी हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसको पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया। लेकिन इलाज के दौरान उसे नहीं बचाया जा सकता। अब इस एनकाउंटर को लेकर पुलिस पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

