डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. विमल कुमार की हत्या के विरोध में बिहार के नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विमल कुमार की हत्या को लेकर बिहार के नगर प्रशासनिक महकमे में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। जिसके विरोध में राज्यभर के सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
कार्यपालक पदाधिकारियों की ये है प्रमुख मांगें
कार्यपालक पदाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने सरकार को ज्ञापन सौंपकर कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें डॉ. विमल कुमार हत्याकांड की एसआईटी से निष्पक्ष जांच, सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को सशस्त्र सुरक्षा उपलब्ध कराना, दिवंगत विमल कुमार की पत्नी को कम से कम 2 करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की।
मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी
कार्यपालक पदाधिकारियों ने साफ कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक अधिकारी का नहीं, बल्कि पूरे राज्य के नगर निकाय अधिकारियों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा हुआ है।
अधिकारियों को सुरक्षा देने की मांग
इससे पहले मंगलवार को बड़ी संख्या में कार्यपालक पदाधिकारी दानापुर स्थित दिवंगत विमल कुमार के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी। कार्यपालक पदाधिकारियों का कहना है कि नगर विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों पर लगातार हमले हो रहे हैं। ऐसे माहौल में बिना पर्याप्त सुरक्षा के फील्ड में काम करना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।

