रांची। झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की हार के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक और राजनीतिक रूप से तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस की हार पर दुख जताते हुए इसे केवल एक उम्मीदवार की हार नहीं, बल्कि शिक्षा, योग्यता और सिद्धांतों की हार बताया।
अपने पोस्ट में इरफान अंसारी ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक पढ़े-लिखे, शिक्षित, योग्य एवं ब्राह्मण उम्मीदवार प्रणव झा पर भरोसा जताया था। उनका आरोप है कि भाजपा और एक उद्योगपति के हितों से जुड़े लोगों ने सुनियोजित तरीके से माहौल बनाकर तथा प्रलोभन देकर कांग्रेस उम्मीदवार को हराने का काम किया।
इरफान अंसारी ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या ब्राह्मण होना अपराध है? क्या ब्राह्मण समाज के व्यक्ति को सांसद बनने का अधिकार नहीं है?” उन्होंने दावा किया कि एक योग्य और सक्षम उम्मीदवार को राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार बनाया गया है।
उन्होंने ब्राह्मण समाज से अपील करते हुए कहा कि वह इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से विचार करे और अपने आत्मसम्मान, सम्मानजनक प्रतिनिधित्व तथा लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता न करे। अंसारी ने यह भी कहा कि यह अपमान केवल कांग्रेस पार्टी या राहुल गांधी का नहीं, बल्कि पूरे ब्राह्मण समाज का है।
अपने पोस्ट में उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने धनबल और उद्योगपतियों के प्रभाव के सामने घुटने टेक दिए। साथ ही कहा कि यह हार केवल कांग्रेस उम्मीदवार की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है जो राजनीति में योग्यता, शिक्षा और सिद्धांतों को महत्व देते हैं।
पोस्ट के अंत में इरफान अंसारी ने कहा कि सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन विश्वासघात और षड्यंत्र की राजनीति लंबे समय तक लोगों के दिलों में दर्ज रहती है। उन्होंने कहा कि वह पहले भी संघर्ष के रास्ते पर थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे।
हालांकि, इरफान अंसारी द्वारा लगाए गए आरोपों पर भाजपा की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

